भारतीय तिलहन किसानों के लिए WhatsApp पर AI सलाहकार सेवा शुरू
ICAR का ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ अब देगा 24×7 बहुभाषी कृषि मार्गदर्शन
17 जून 2026, नई दिल्ली: भारतीय तिलहन किसानों के लिए WhatsApp पर AI सलाहकार सेवा शुरू – देश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयास तेज हो रहे हैं। इसी बीच किसानों को वैज्ञानिक जानकारी सीधे उनके मोबाइल तक पहुंचाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने एक नई पहल शुरू की है। ICAR-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (IIOR), हैदराबाद द्वारा विकसित ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ नामक AI आधारित व्हाट्सएप सेवा अब किसानों को उनकी भाषा में तिलहन फसलों से जुड़ी सलाह उपलब्ध करा रही है।
इस सेवा का शुभारंभ 6 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन के दौरान कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव एवं ICAR के महानिदेशक द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और किसानों के खेतों के बीच की दूरी को डिजिटल तकनीक के माध्यम से कम करना है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसानों को इस सेवा का उपयोग करने के लिए कोई अलग मोबाइल एप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। केवल व्हाट्सएप के माध्यम से वे किसी भी समय अपनी खेती से जुड़े प्रश्न पूछ सकते हैं और तत्काल जवाब प्राप्त कर सकते हैं।
किसान +91 4024598180 नंबर को अपने मोबाइल में सेव करके व्हाट्सएप पर संदेश भेज सकते हैं। यह AI चैटबॉट हिंदी सहित सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में संवाद करने में सक्षम है और किसानों को सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी, तिल, रामतिल (नाइजर) तथा अन्य तिलहन फसलों के बारे में वैज्ञानिक सलाह प्रदान करता है।
यह सेवा फसल की पूरी जीवन-चक्र प्रक्रिया को कवर करती है। किसान उन्नत किस्मों के चयन, बुवाई प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन, सिंचाई, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई के बाद प्रबंधन और बीज उपलब्धता जैसे विषयों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ICAR-IIOR के निदेशक डॉ. आर.के. माथुर के अनुसार, पहली बार देश के विभिन्न तिलहन अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित वैज्ञानिक ज्ञान को एक ही मंच पर लाकर सीधे किसानों तक पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि बहुभाषी AI तकनीक के माध्यम से भाषा, दूरी और सूचना की उपलब्धता जैसी पुरानी बाधाओं को काफी हद तक समाप्त किया गया है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि खरीफ सीजन के दौरान वे इस सेवा का अधिकतम उपयोग करें और खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ से जुड़ें।
कैसे करें उपयोग?
इस सेवा का लाभ उठाने के लिए किसानों को केवल तीन आसान चरण अपनाने होंगे:
पहला चरण: अपने मोबाइल में +91 4024598180 नंबर को ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ नाम से सेव करें।
दूसरा चरण: व्हाट्सएप खोलकर अपनी पसंदीदा भाषा में कोई भी प्रश्न भेजें।
तीसरा चरण: कुछ ही क्षणों में वैज्ञानिक एवं शोध-आधारित सलाह प्राप्त करें।
कई ICAR संस्थानों का संयुक्त प्रयास
इस AI सलाहकार मंच का ज्ञान भंडार देश के विभिन्न तिलहन अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से तैयार किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- ICAR-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (NSRI), इंदौर
- ICAR-भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान (IIGR), जूनागढ़
- ICAR-भारतीय सरसों एवं रेपसीड अनुसंधान संस्थान (IIRMR), भरतपुर
- तिल एवं रामतिल परियोजना समन्वय इकाई
इन संस्थानों के वैज्ञानिक अनुभव और अनुसंधान निष्कर्षों को एकीकृत करके ऐसा ज्ञान आधार तैयार किया गया है जो देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है।
कृषि विस्तार सेवाओं में AI की नई भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल कृषि के दौर में AI आधारित सलाहकार सेवाएं कृषि विस्तार प्रणाली को नई दिशा दे सकती हैं। जहां पहले किसानों को विशेषज्ञ सलाह के लिए कृषि अधिकारियों या वैज्ञानिकों तक पहुंचने में समय लगता था, वहीं अब वही जानकारी व्हाट्सएप पर कुछ सेकंड में उपलब्ध हो सकती है।
इस परियोजना का वैज्ञानिक नेतृत्व ICAR-IIOR की डॉ. चुंडूरी सरदा ने किया, जबकि बहुभाषी AI प्लेटफॉर्म और नॉलेज रिट्रीवल सिस्टम का विकास प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ चीडेला निमेष और काटीपल्ली श्रीमान द्वारा किया गया।
भारत तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ जैसी डिजिटल पहलें किसानों तक वैज्ञानिक ज्ञान की पहुंच को मजबूत करने और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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