राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसानों को नकली बीज-खाद-कीटनाशक से राहत की बड़ी पहल, कृषि मंत्रालय ने डाक विभाग के साथ किए दो अहम MoU

08 जनवरी 2026, नई दिल्ली: किसानों को नकली बीज-खाद-कीटनाशक से राहत की बड़ी पहल, कृषि मंत्रालय ने डाक विभाग के साथ किए दो अहम MoU – किसानों को घटिया और नकली बीज, खाद व कीटनाशकों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और डाक विभाग के बीच कृषि इनपुट (बीज, उर्वरक और कीटनाशक) के सैंपलों की सुरक्षित ढुलाई और जांच प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही ग्रामीण विकास मंत्रालय, डाक विभाग और DAY-NRLM के बीच दूसरा MoU भी हुआ है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार करना है।

कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चंद्रशेखर पेम्मासानी की उपस्थिति में ये समझौते किए गए। इस मौके पर कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह और डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये दोनों MoU विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे और किसानों के हितों की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

बीज-खाद-कीटनाशक की जांच अब होगी फेसलेस और ट्रेसलेस

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि घटिया बीज, खाद और कीटनाशक किसानों की सबसे बड़ी पीड़ा हैं, जो उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। नए MoU के तहत अब सैंपलों की ‘फेसलेस और ट्रेसलेस’ ढुलाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे छेड़छाड़, देरी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। डाक विभाग के बारकोड और क्यूआर कोड आधारित डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए देशभर के निर्माण इकाइयों, डीलरों और बाजारों से लिए गए सैंपल सुरक्षित रूप से तय प्रयोगशालाओं तक पहुंचाए जाएंगे। इससे प्रयोगशालाओं को समय पर और भरोसेमंद रिपोर्ट मिलेगी और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव हो सकेगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार पेस्टिसाइड एक्ट और सीड एक्ट के तहत घटिया कीटनाशकों और बीजों पर कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कृषि और ग्रामीण विकास मिलकर देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए इन दोनों क्षेत्रों को मजबूत करना विकसित भारत की अनिवार्य शर्त है।

लखपति दीदियों और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने पर फोकस

दूसरे MoU के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय, डाक विभाग और DAY-NRLM मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का विस्तार करेंगे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि DAY-NRLM से जुड़ी 2 करोड़ से अधिक ‘लखपति दीदियां’ गरीबी उन्मूलन का एक मजबूत मॉडल हैं। नए समझौते के जरिए डाक विभाग के विशाल नेटवर्क से बैंकिंग सेवाएं गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचेंगी, जिससे ग्रामीण बहनों-दीदियों की आय में 15 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी की संभावना है। ‘बीसी सखी’ मॉडल को डाक विभाग से जोड़ने पर किसानों और ग्रामीण परिवारों को सीधी सुविधा और राहत मिलेगी।

Whole of Government मॉडल का उदाहरण

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन समझौतों को ‘Whole of Government’ दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जब सभी विभाग एक दिशा में मिलकर काम करते हैं, तो उसके परिणाम कई गुना बढ़ जाते हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक लास्ट-माइल डिलीवरी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संबंधित संस्थानों को ट्रेनिंग, इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट, पॉइंट-ऑफ-सेल मशीन और सर्टिफिकेशन दिए जाएंगे, जिससे वे पोस्ट ऑफिस बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना, कैश ट्रांसफर सेवाएं और अन्य वित्तीय उत्पाद सीधे नागरिकों तक पहुंचा सकें।

केंद्रीय मंत्रियों ने विश्वास जताया कि इन दोनों MoU के जरिए कृषि इनपुट गुणवत्ता नियंत्रण और ग्रामीण वित्तीय समावेशन को नई गति मिलेगी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित, आत्मनिर्भर और गरीबी-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में ठोस योगदान होगा।

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