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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

खाद प्रबंधन के लिए एनडीडीबी ने नई कंपनी शुरू की

26 जुलाई 2022, नई दिल्ली । खाद प्रबंधन के लिए एनडीडीबी ने नई कंपनी शुरू की – केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री परशोत्तम रूपाला ने पूरे देश में खाद प्रबंधन की पहल को आगे बढ़ाने के लिए एनडीडीबी मृदा लिमिटेड,जो राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, का गत सोमवार को यहां शुभारंभ किया, जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालयान और डॉ.एल मुरुगन, श्री अतुल चतुर्वेदी, सचिव,डीएएचडी, भारत सरकार,श्री मीनेश शाहअध्यक्ष, एनडीडीबी,सुश्री वर्षा जोशी, अपर सचिव (सीडीडी), डीएएचडी, भारत सरकार और एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक श्री संदीप भारती शामिल रहे।

केंद्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त होने पर,एनडीडीबी ने 1 जुलाई 2022 को कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत9.50 करोड़ रुपये की प्रदत्त पूंजी के साथ एनडीडीबी मृदा लिमिटेड स्थापना की है जो कि एक गैर-सूचीबद्ध पब्लिक लिमिटेड कंपनी है ।

इस अवसर पर, डॉ. बालयान ने एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के एक ब्रोशर भी विमोचन किया और डॉ. मुरुगन ने एनडीडीबी के सुधन ट्रेडमार्क को एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को सौंपा।

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इस अवसर पर, श्री रूपाला ने कहा कि एनडीडीबी मृदा लि. से डेरी किसानों को स्लरी/गोबर की बिक्री के जरिए अतिरिक्त आय के साधन मिलेंगे  ।  खाना पकाने के ईंधन को बायोगैस के साथ जोड़ने  से किसानों को धन की बचत होगी । धीरे-धीरे जैविक खाद के साथ रासायनिक उर्वरकों के प्रतिस्थापन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत की आयात पर निर्भरता कम हो जाएगी ।

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श्री चतुर्वेदी ने कहा कि एनडीडीबी ने डेरी संयंत्रों की बिजली कीआवश्यकता की पूर्ति के लिए गाय के गोबर का उपयोग किए जाने की परियोजनाएं भी शुरू की हैं। गोबर पर आधारित जैविक उर्वरकों की सामान्य पहचान करने के लिए एनडीडीबी ने “सुधन” नामक एक ट्रेडमार्क भी रजिस्टर किया है।

एनडीडीबी और एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के अध्यक्ष ने कहा कि यह कंपनी कुशल गोबर प्रबंधन के लिए किफायती प्रौद्योगिकियों पर अनुसंधान और विकासका कार्य करेगी तथागाय के गोबर पर आधारित उत्पादों की बिक्री करके ग्रामीण स्तर पर राजस्व सृजन के मॉडल स्थापित करेगी।

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