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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

PM आवास योजना से 2 करोड़ नए घर: क्या हर जरूरतमंद को मिलेगा छत?

04 जनवरी 2025, नई दिल्ली: PM आवास योजना से 2 करोड़ नए घर: क्या हर जरूरतमंद को मिलेगा छत? –  केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा और सुधारात्मक कदम उठाने पर विचार करना था।

श्री चौहान ने कहा, “ग्रामीण विकास मंत्रालय वर्ष 2025 तक गरीबी मुक्त गांव बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सिर्फ योजनाओं का मामला नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने का अभियान है। ग्रामीण भारत के विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।”

रोजगार सृजन और अमृत सरोवर मिशन का विस्तार

श्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि जून 2024 से अब तक 136 करोड़ श्रमदिवस सृजित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने इस अवधि में 50,467 करोड़ रुपये जारी किए।

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अमृत सरोवर मिशन के तहत 68,000 से अधिक जलाशयों का निर्माण या पुनर्जीवन किया जा चुका है। अब इस मिशन का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है, जिसमें और अधिक सरोवरों का निर्माण किया जाएगा।

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आवास योजना में सुधार और विस्तार

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मार्च 2024 तक 2.95 करोड़ घरों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 2.68 करोड़ घर पूर्ण हो चुके हैं। इसके अलावा, पिछले 10 वर्षों में कुल 3.45 करोड़ घर बनाए गए हैं। श्री चौहान ने बताया कि आने वाले पांच वर्षों में 2 करोड़ नए घर बनाए जाएंगे, जिसकी अनुमानित लागत 3 लाख 6 हजार करोड़ रुपये होगी।

आवास+ सर्वे के माध्यम से नए पात्र परिवारों को जोड़ने का कार्य भी शुरू किया गया है। अब पात्र व्यक्ति स्वयं मोबाइल के जरिए अपना सर्वे कर सकते हैं।

महिला सशक्तिकरण और आजीविका मिशन

दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत अब तक 90.89 लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जो 10 करोड़ ग्रामीण परिवारों को संगठित करते हैं। इन समूहों को 9.84 लाख करोड़ रुपये का बैंक ऋण और 48,289 करोड़ रुपये पूंजीकरण के रूप में प्रदान किए गए हैं।

मिशन ने अब तक 4 करोड़ महिला किसानों को लाभान्वित किया है और 3.13 लाख उद्यमों को समर्थन दिया है। 1.15 करोड़ महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, और 2.91 करोड़ अन्य महिलाओं की पहचान इस अभियान के लिए की गई है।

PMGSY के तहत सड़क निर्माण

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत स्वीकृत कार्यों की समयसीमा मार्च 2025 तक बढ़ाई गई है। PMGSY-IV के तहत पात्र बसावटों को चिन्हित करने का सर्वेक्षण जनवरी 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद, जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के तहत 2014 से अब तक 16.96 लाख अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया है और 11.02 लाख अभ्यर्थियों को रोजगार प्रदान किया गया है। इस योजना के तहत कुल 7,389.29 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 54 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इनमें से 38 लाख से अधिक युवाओं को आयमूलक गतिविधियों से जोड़ा गया है। इस योजना पर अब तक 1,278.81 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।

राज्य सरकारों की भूमिका पर जोर

श्री चौहान ने कहा, “हमारी योजनाओं की सफलता राज्य सरकारों की सक्रिय सहभागिता के बिना संभव नहीं है। मैं सभी राज्यों से रचनात्मक सुझाव और सहयोग की अपेक्षा करता हूं ताकि हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।”

यह बैठक ग्रामीण भारत को गरीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनकी प्रगति पर केंद्रित रही। आने वाले समय में इन योजनाओं के लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में किस हद तक पहुंचते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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