मटर में विलोवुड के प्रभावी उत्पाद

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इंदौर। देश की प्रतिष्ठित कम्पनी विलोवुड क्रॉप साइंसेस प्रा. लि. द्वारा गत दिनों जबलपुर में  मटर की उन्नत खेती के लिए क्रॉप सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें  विलोवुड के डीजीएम मार्केटिंग श्री विवेक रस्तोगी, जोनल मैनेजर श्री दिनेश शर्मा, सीनियर एरिया मैनेजर श्री कोमल सनोदिया, एरिया डेवलपमेंट मैनेजर श्री अभिषेक शर्मा, क्षेत्रीय वितरक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

श्री दिनेश शर्मा ने कम्पनी का परिचय देते हुए कहा कि विलोवुड एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है जिसके उत्पाद भारत के अलावा 50 से अधिक देशों में उपयोग किये जाते हैं। कंपनी के पास एशिया का सबसे उच्च तकनीक से सुसज्जित शोध केंद्र भारत में स्थापित है। मटर की खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए आपने खेत की तैयारी से लेकर, बीज के चयन, बीजोपचार, बुवाई, सिचाई प्रबंधन, खादों के संतुलित  प्रयोग, कम लागत में कीटों व बीमारियों का सफल नियंत्रण एवं गुणवत्तायुक्त फसल वृद्धि कारकों के प्रयोग पर विस्तृत चर्चा की। श्री रस्तोगी ने कहा कि ब्रांड दानेदार एक नेचुरल स्टेरॉल केमिस्ट्री पर आधारित कम्पनी उत्पाद है, जिसमें उपस्थित स्टिग्मा-स्टेरॉल व केम्पेस्ट्रोल पौधे में जैव-रसायनिक क्रियाओं को उद्दीप्त कर पौधे के सम्पूर्ण विकास में सहयोग करता है। यह मृदा अनुकूलक है जो मृदा सुधार के लिए अत्यंत उपयोगी है तथा तत्वों के अवशोषण में मदद करता है। ब्रांड दानेदार की 4 किलो मात्रा एक एकड़ फसल के लिए पर्याप्त है आपने  विलोवुड के अति विशेष  नैनो तकनीकी पर आधारित,  पौध वृद्धि उत्पाद विलबांड की तारीफ कर कहा कि यह  फूल व फलों में अत्यधिक वृद्धि कर पौधे में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह तापमान, नमी व सूखे जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी तनाव कम कर जैव-रसायनिक क्रियाओं को नियंत्रित कर फूलों को झडऩे से रोकता है। इससे उत्पादन में वृद्धि और उत्पाद की गुणवत्ता उत्तम होने से बाज़ार मूल्य भी अच्छा मिलता है।

पौध संरक्षण

श्री रस्तोगी ने  मटर में लगने वाले कीट व रोगों के नियंत्रण की फिल्म के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी और विलोवुड के अच्छे उत्पादों टेकनोक्स, इमेक्टो, विलजोश तथा रोग नियंत्रण के लिए वेलेक्स्ट्रा, विलतेज, थीम, के उपयोग की सिफारिश की, ताकि सही समय, सही मात्रा व सही तकनीक से प्रयोग करने से किसान उचित लाभ प्राप्त कर सकें। सेमिनार के प्रश्न मंच में किसान के एक सवाल का उत्तर देते हुए श्री कोमल सनोदिया ने कहा कि कुछ कारणों से कीटनाशकों की क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं होने से उनकी कार्य क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए कीटनाशक के साथ 0.5 मिली प्रति लीटर की दर से विलिकान को मिला दिया जाए तो कीटनाशकों के असर को बढाया जा सकता है। सेमिनार का संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्री अभिषेक शर्मा ने किया।

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