कम्पनी समाचार (Industry News)

आईआईएल फाउंडेशन ने नगर वन, भिवाड़ी में 10,000 पेड़ लगाने और उनका संरक्षण करने की जिम्मेदारी ली

08 अगस्त 2025, नई दिल्ली: आईआईएल फाउंडेशन ने नगर वन, भिवाड़ी में 10,000 पेड़ लगाने और उनका संरक्षण करने की जिम्मेदारी ली – इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड (IIL) की सीएसआर शाखा आईआईएल फाउंडेशन ने राजस्थान सरकार की “वन महोत्सव हरियाळो राजस्थान” पहल के तहत नगर वन, भिवाड़ी में 10,000 पेड़ लगाने और उनका संरक्षण करने का कार्य शुरू किया है। यह वृक्षारोपण मियावाकी डेंस फॉरेस्ट पद्धति से किया जा रहा है, जिससे तेज़ी से हरियाली विकसित हो सके।

इस अभियान का शुभारंभ श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, जिला प्रभारी सचिव एवं आरआईआईसीओ की प्रबंध निदेशक द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्री किशोर कुमार, बीआईडीए के सीईओ श्री अतुल प्रकाश, पुलिस कमिश्नर श्री प्रशांत किरण सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। आईआईएल की ओर से श्री संस्कार अग्रवाल और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. मुकेश, श्री कोटेश्वर राव, श्री अजय भावसार, श्री शिशिर चंद्रा तथा राजस्थान मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की टीम ने भाग लिया।

इस अवसर पर श्री संस्कार अग्रवाल ने कहा, “एक कृषि क्षेत्र से जुड़ी कंपनी होने के नाते हम स्वच्छ वायु और ऑक्सीजन की बढ़ती आवश्यकता को समझते हैं, खासकर औद्योगिक क्षेत्रों में। यह पहल केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालिक कार्बन सिंक और प्राकृतिक ऑक्सीजन बैंक तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।”

डॉ. मुकेश कुमार, उपाध्यक्ष, इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड और परियोजना प्रमुख ने बताया, “आईआईएल द्वारा लगाए गए ये पेड़ स्थानीय वायु गुणवत्ता में सुधार करेंगे और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाएंगे।”

Advertisement
Advertisement

आईआईएल फाउंडेशन की यह पहल कंपनी की पूर्व गतिविधियों की निरंतरता है। वर्ष 2024 में चोपांकी में लगभग 4,000 पौधों का एक मिनी फॉरेस्ट विकसित किया गया था, जो आज स्थानीय समुदाय के लिए ध्यान, योग और सैर का एक शांति स्थल बन चुका है।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements
Advertisement
Advertisement