Ad DesktopAd TabletAd Mobile
कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

एफएमसी रॉयल क्लब रिटेलर मीट

12 अगस्त 2022, रायपुर । एफएमसी रॉयल क्लब रिटेलर मीट – एफएमसी इंडिया लि. विश्व की अग्रणी कीटनाशक निर्माता कंपनी है। विगत दिनों कंपनी द्वारा रायपुर में रॉयल क्लब रिटेलर मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित कंपनी के रीजनल मैनेजर श्री धनेन्द्र त्रिपाठी, छत्तीसगढ़ डिस्ट्रीब्यूटर में भारत कृषि केन्द्र से मनीश परिमार, कृषि सोपान श्री सुरेश मूंदड़ा एवं नवीन बीज उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित से श्री आर.के. चंद्राकर ने दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

कंपनी के रीजनल मैनेजर श्री त्रिपाठी ने उपस्थित सभी विक्रेता बंधुओं को कंपनी प्रोफाईल के बारे में बताते हुए कहा कि एफएमसी की शुरूआत 1883 में हुई थी आज कंपनी को 139 साल हो चुके हैं। हमारी कंपनी कृषि के क्षेत्र में अच्छी तरह से कार्य कर रही है। वर्तमान में कंपनी के पास सभी प्रकार के हर्बीसाईड, फंगीसाईड, इंसेक्टिसाईड व बायो लाजीकल प्रोडक्ट सभी रेंज में उपलब्ध हैं।

श्री त्रिपाठी ने बताया कि कंपनी के पास वर्तमान में 22+8 फफूंदनाशक प्रोडक्ट आने वाले हैं। कंपनी के पास 23 सेंटर, 26 मैन्यूफैक्चर यूनिट, 7000 कर्मचारी हैं। जिसमें 100 कर्मचारी छग में कार्यरत हैं। कंपनी का टर्न ओवर 31000 करोड़ का है। एफएमसी द्वारा 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक एक स्कीम के तहत 1 बार 6 लीटर कोराजन लेना होगा। जिसमें आपको इंसेंटिव के साथ-साथ फॉरेन ट्रिप भी दिया जायेगा।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

कोराजन के उपयोग से फसलों व मित्र कीटों पर किसी भी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। यह प्रोडक्ट नुकसानदायक नहीं है। इसके उपयोग से किसानों की फसलें स्वस्थ व उत्पादन में वृद्धि होगी।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

श्री त्रिपाठी ने विक्रेताओं को अपने अन्य उत्पादों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी जैसे-कोरप्राईमा-टमाटर व भिण्डी में लगने वाली बीमारी जैसे फू्रट बोरर व फलछेदक के विरुद्ध अत्यंत सुरक्षित है। यह उत्पाद 6 ग्राम, 17 ग्राम व 34 ग्राम के पैक में उपलब्ध है। प्रति एकड़ मात्रा 34 ग्राम जिनामा- यह उत्पाद सब्जी फसल में लगने वाले रोग जैसे- चैंपा आदि से छुटकारा मिलेगा।

जिनामा- की मात्रा 200 से 250 एमएल प्रति एकड़ रखी गई है। इसके प्रयोग से फसलों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी होगी।

महत्वपूर्ण खबर: डेयरी बोर्ड की कम्पनी अब दूध के साथ ही गोबर भी खरीदेगी