फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी बनाने और सोया बीज उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया

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सोया कुम्भ का दूसरा दिन

31 मई 2022, इंदौर । फार्मर प्रोडूसर कंपनी बनाने और सोया बीज उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया – भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान तथा सोसाइटी फॉर सोयाबीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट, सॉलिडरीडाड,भोपाल, सोपा इंदौर द्वारा संयुक्त रूप से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर के सभागार में आयोजित “सोया महाकुम्भ” के दूसरे दिन उपस्थित 1000 से अधिक कृषकों के लिए दो तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया । जिसमें किसानों की शंकाओं के निराकरण के अलावा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी और सोया बीज उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। साथ ही सोयाबीन की खेती में नवाचार करने वाले  किसानों को पुरस्कृत किया गया।

किसानों की शंकाओं का निराकरण – प्रथम सत्र “फंटास्टिक सेवन – फ़ूड, फोडर, फ्यूल, फ़र्टिलाइज़र मेडिसिनल एवं कास्मेटिक्स में सोयाबीन “ शीर्षक पर डॉ. सुधा मैसूर, सी.ई.ओ., एग्री इनोवेट इंडिया, दिल्ली की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।  विशेषज्ञ के रूप में श्री सुमित के अग्रवाल, निदेशक, जैव पोषक तत्व (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, डॉ दीपिका, केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल; डॉ. एम.एम.अंसारी, पूर्व-पीएस,डॉ लोकेश मीणा, वैज्ञानिक,डॉ. आर.के वर्मा, वैज्ञानिक भाकृअनुप-आईआईएसआर इंदौर, ने कृषकों के सवालों एवं शंकाओं का निराकरण किया।  इस तकनीकी सत्र का समन्वयन डॉ मनोज श्रीवास्तव ने किया। बाद में किसानों ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विशेषज्ञों से चर्चा कर सोयाबीन की खेती में सुझाव प्रस्तुत किये।

फार्मर प्रोडूसर कंपनी और सोया बीज उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर – द्वितीय तकनीकी  सत्र “सतत सोयाबीन  उत्पादन हेतु आधुनिक प्रसार प्रणालियाँ” विषय पर डॉ शिव कुमार अग्रवाल, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ड्रायलैंड एग्रीकल्चर, फ़ूड लेगुम की अध्यक्षता में हुआ  जिसका समन्वयन डॉ बी.यू. दुपारे, प्रधान वैज्ञानिक, आई.आई.एस.आर ने किया. इस अवसर पर विशेषज्ञ के रूप में डॉ सुरेश मोटवानी, सॉलिडरीडाड, भोपाल; डॉ डी.एन.पाठक, कार्यकारी निदेशक, सोपा इंदौर, डॉ अमरनाथ शर्मा, सेवानिवृत्त प्रधान वैज्ञानिक, डॉ राघवेन्द्र मदार, डॉ संजीव कुमार तथा मंथन संस्था के डॉ रजत सक्सेना ने कृषकों की समस्याओं का निराकरण किया। तकनीकी सत्रों में प्रमुख रूप से फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी बनाने, सोया बीज उत्पादन कार्यक्रम की गति बढाकर अधिक से अधिक किसानों  तक नवीनतम पद्धतियों एवं किस्मों के विस्तार की बात की गई।  इसी प्रकार सोया खाद्य उत्पादों को जनता में उपलब्धता के लिए स्टार्ट अप शुरू करने के लिए एग्री बिजनेस इन्कुबेशन केन्द्रों के माध्यम से सहायता के लिए आश्वासन दिया गया।  

नवाचार करने वाले  किसान पुरस्कृत –  इस मौके पर  भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद के महानिदेशक डॉ त्रिलोचन महापात्र द्वारा विभिन्न राज्यों से सोयाबीन की खेती में नवाचार करने वाले तथा अधिकाधिक उत्पादन प्राप्त करने वाले किसानों को उनके द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।  ये हैं; श्री गजानंद (जिला इंदौर, मध्य प्रदेश), 2. श्री रशपाल (उतर प्रदेश), 3. श्री बनेसिंह चौहान (जिला धार, मध्य प्रदेश), 4. श्री कुमार मगदुम (कर्नाटक), 5. श्री अनिल वर्मा (जिला सिहोर, मध्य प्रदेश), 6. श्री पृथ्वी सिंह सोलन्की (जिला खरगोन, मध्य प्रदेश), 7. श्री दिलीप (जिला वाशिम, महाराष्ट्र), 8. श्री हरपालसिंह चौहान (मध्य प्रदेश), 9. श्री सागर हिन्दुले (जिला कोल्हापुर महाराष्ट्र), 10.श्री गुलनारायण (मध्य प्रदेश),11. श्री महंतेश  पुजर (मध्य प्रदेश), 12. श्री बलजीत सिंह (उत्तर प्रदेश), 13. श्री च. रंगखुपलियन (मणिपुर),तथा 14. श्रीजुझार सिंह(पंजाब) शामिल हैं।  

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