संतुलित उर्वरक उपयोग आज की आवश्यकता

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साक्षात्कार : श्री डी. के. बलेचा
सीनियर जनरल मैनेजर मप्र, छग, गुजरात कोरोमंडल इंटरनेशनल लि.

 

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21 सितम्बर 2021, इंदौर । संतुलित उर्वरक उपयोग आज की आवश्यकता – संतुलित उर्वरक का उपयोग आज की आवश्यकता है। देश के अधिकांश राज्य इस दिशा में काम कर रहे हैं। इससे डीएपी पर निर्भरता भी कम होती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है। म.प्र. को भी इस दिशा में काम करना चाहिए और एनपीके की उपलब्धता पर जोर देना चाहिए। कोरोमंडल इंटरनेशनल का ग्रोशक्ति 14:35:14 एक संतुलित उर्वरक ग्रेड है, जो हर फसल के लिए उपयोगी है। यह विचार श्री डी. के. बलेचा सीनियर जनरल मैनेजर मप्र, छग, गुजरात कोरोमंडल इंटरनेशनल लि. ने कृषक जगत के श्री सचिन बोंद्रिया से एक मुलाकात में व्यक्त किये।

उर्वरक परिदृश्य

वर्तमान और आगामी रबी के उर्वरक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि फास्फेटिक उर्वरक विशेषकर डीएपी की देश में उपलब्धता में कमी आने की संभावना है। उ.प्र., राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और म.प्र. ऐसे राज्य हैं जहाँ डीएपी की मांग अधिक होती है। केवल इन राज्यों में ही रबी सीजन में लगभग 30 लाख टन फास्फेटिक उर्वरक की आवश्यकता होगी जबकि वर्तमान में केवल 3 लाख टन उर्वरक ही उपलब्ध है। उर्वरक उद्योग में अभी आयात के कोई सौदे भी नहीं हैं। ऐसी स्थिति में संतुलित उर्वरक के रूप में एनपीके एक अच्छा विकल्प है। केंद्र भी इसे बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है। न्यूट्रीएंट बेस्ड सब्सिडी योजना के अंतर्गत सरकार पर सब्सिडी का भार भी कम होगा और उत्पादन भी बढ़ेगा।

म.प्र. के सन्दर्भ में

श्री बलेचा ने म.प्र. के सन्दर्भ में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि म.प्र. में रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूँ है, जो लगभग 60 लाख हेक्ट. में लगाई जाती है। इस हिसाब से प्रदेश में केवल गेहूँ के लिए 7.50 लाख टन डीएपी की आवश्यकता होगी। यहाँ उर्वरक व्यवसाय के लिए सहकारिता एक विस्तृत और व्यापारिक दृष्टि से सुरक्षित नेटवर्क है, इसी कारण उर्वरक प्रदायक और निर्माता कंपनियों की प्राथमिकता सूची में म.प्र. शामिल रहता है। वर्तमान उर्वरक परिदृश्य में प्रदेश सरकार को फास्फेटिक उर्वरकों की आपूर्ति के लिए डीएपी के अन्य विकल्प जैसे सिंगल सुपर फोस्फेट और एनपीके उर्वरक पर ध्यान देना चाहिए। अभी से फास्फेटिक उर्वरक निर्माताओं से आपूर्ति के लिए सौदे कर लिए जाएँ तो दिवाली पश्चात् रबी की बोनी प्रारंभ होने पर प्रदेश के किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता बनी रहेगी।

ग्रोशक्ति : अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए :  कोरोमण्डल इन्टरनेशनल लि. ग्रोशक्ति 14:35:14 एनपीके उर्वरक अद्वितीय ग्रेड वाला उर्वरक है जो सभी फसल को पूर्ण और संतुलित पोषण प्रदान करता है।

श्री बलेचा ने बताया कि इस श्रेणी का सबसे अच्छा कॉम्प्लेक्स (जटिल) उर्वरक है, चूंकि किसान लगातार अपने खेत से अधिकतम उत्पादन करने के लिए साधनों की तलाश करते हैं। इस उर्वरक में अनाज, दलहन और तिलहन सहित विभिन्न फसलों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन को प्रदान करने की शक्ति है और यह सभी प्रकार की मिट्टी के लिए उपयुक्त है। यह कई अनूठी विशेषताओं के साथ आता है जो इसे अन्य पारंपरिक उर्वरकों से अलग करता है। इसमें 63 प्रतिशत कुल पोषक तत्वों के साथ एनपीके ग्रेड में 35 प्रतिशत उच्चतम फॉस्फोरस है। इसमें 1:2:5:1 के विशिष्ट अनुपात में एनपीके है जो इसे बुवाई के साथ और खड़ी फसल में उपयोग के लिए आदर्श बनाता है। इसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस के साथ पोटेशियम भी मौजूद है।

ग्रोशक्ति की विशेषताएं
  • पूर्ण और संतुलित उर्वरक जो सभी प्रमुख फसलों के लिए आदर्श है।
  • यह 63 प्रतिशत पोषक तत्वों के साथ अधिकतम मूल्य प्रदान करता है।
  • फसल को अधिक ऊर्जा देता है जिससे बेहतर गुणवत्ता की अधिक पैदावार होती है।
  • अनाज, दलहन और तिहलन सहित विभिन्न फसलों के लिए जो इसे बुवाई के साथ और खड़ी फसल में उपयोग के लिए आदर्श बनाता है।
  • नाइट्रोजन, अमोनीकल स्वरूप में होने से उर्वरक की न्यूनतम बर्बादी।
  • जमता नहीं है और उपयोग में आसान है जिससे खेतों पर एक समान वितरण।
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