स्वराज ट्रैक्टर्स का धान उत्पादन के लिए विशेष ट्रैक्टर

Share

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पर फोकस : नये स्वराज 742 XT पडलिंग ऑपरेशन में कामयाब

हैदराबाद। स्वराज ट्रैक्टर्स ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अपनी उपस्थिति को मजबूत बनाते हुए यांत्रिक तरीके से धान की खेती के लिए श्रृंखलाबद्ध पहल की है। दोनों ही बाजारों की सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनियों में से एक होने के नाते और इस क्षेत्र की प्रमुख खरीफ फसल धान के लिए कंपनी ने हाल ही में नया स्वराज 742 XT ट्रैक्टर लॉन्च किया। धान की यांत्रिक खेती के लिए विशेष रूप से तैयार किये गये, नये 45 हॉर्सपावर (33.55 किलोवाट) ट्रैक्टर ने पडलिंग ऑपरेशंस में अपने प्रदर्शन एवं किफायती ईंधन खपत की दृष्टि से सफलता हासिल की। स्वराज ने बड़े खेतों से लेकर छोटे जोतों तक के लिए फार्म मशीनरी की रेंज भी लांच की है। गीले धान से लेकर सूखे अनाज तक के लिए हार्वेस्टिंग समाधान उपलब्ध कराता है ताकि पैदावार बढ़ सके और अनाज का नुकसान घट सके। कंपनी द्वारा 4-व्हील ड्राइव ट्रैक्टर्स और कम एचपी वाले ट्रैक्टर्स सहित उच्च- एचपी रेंज में और नये ट्रैक्टर्स लाये जायेंगे, ताकि छोटे किसानों को उनके पडलिंग ऑपरेशंस में मदद मिल सके।

स्वराज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हरीश चह्वाण ने कहा, धान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की मुख्य फसल है, इसलिए स्वराज चाहता है कि धान के किसानों को श्रृंखलाबद्ध समाधान उपलब्ध कराकर इस क्षेत्र के इस बेहद दमदार ब्रांड को और अधिक मजबूत बनाएं। इस क्षेत्र में धान फसल के यंत्रीकरण की भारी संभावना मौजूद है जिससे इन राज्यों के धान की पैदावार एवं उत्पादन में बढ़ोतरी हो।

चूंकि धान की खेती का परंपरागत तरीका श्रम-साध्य, अधिक समय लेने वाला और कम लाभदायक है, इसलिए दोनों ही राज्यों में लगातार यांत्रिक स्रोत, मानव श्रम का स्थान ले रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में ट्रैक्टर्स की दोगुनी बिक्री, संबंधित राज्य सरकारों से सहायता और अन्य अनुकूल स्थितियों के चलते धान की पैदावार बढ़ी है।

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.