सीधी जिले में धान का झुलसा रोग

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1 सितम्बर 2021, सीधी ।  सीधी जिले में धान का झुलसा रोग – उप संचालक कृषि डा. राजेश सिंह चौहान ने बताया कि सीधी जिले में फील्ड विजिट के दौरान धान फसल में निम्नानुसार कीट एवं बीमारी देखी गयी है, जिसका प्रकोप बढ़ने की संभावना है। श्री सिंह ने वर्तमान समय में धान की फसल में कीट एवं बीमारी के लक्षण एवं उपचार के सम्बंध में निम्न सलाह दी हैं।

किसान भाइयों वर्तमान मौसम धान में धान का झुलसा रोग-यदि धान फसल की पत्तियां ऊपर से सूख रही है और पत्ती के दोनों किनारे सूखने जैसे लक्षण प्रदर्शित करते हुये पूरी पत्ती बाद में सफेद हा जाये तो यह झुलसा रोग के लक्षण होते है। इसके नियंत्रण हेतु खेत का पानी निकाल दें और कॉपर आक्सीक्लोराइड 3 ग्राम एवं स्ट्रेप्टो साइक्लीन 2.5 ग्राम प्रति 10 लीटर दर से छिड़काव करें।

केसवर्म (वंकी, बका)- इस कीट का प्रकोप कंसे फूटने की अवस्था से लेकर पुष्पन अवस्था तक होती है। (प्रायः सितम्बर से अक्टूबर माह के बीच तक) इसमें इल्लिया पत्ती के ऊपरी सिरे को काटकर तथा पत्तियों को मोड़ कर पोंगड़ी (नलीनुमा) बना लेती है और पोंगड़ी के अन्दर इल्लियां हरे पदार्थ को खुरच-खुरच कर खाती है, जिससे पत्तियों में सफेद धारी बन जाती है एवं धीरे-धीरे पत्तियों का हरापन सफेदी में बदल जाता है। इस कीट से फसल की सुरक्षा हेतु क्युनालफास 25 ई.सी. 2 मि.ली. या क्लोरोपायरीफास 20 ई.सी. 2.5 मि.ली. प्रतिलीटर पानी (40 एमएल प्रति स्प्रेपर) की दर छिडकाव करें। एक एकड हेतु 200 लीटर (13 स्प्रेयर) पानी का उपयोग करने पर कीट को समाप्त कर फसल बचाया जा सकता है।

उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री सिंह ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि किसान अपने खेतों का सतत् निरीक्षण करते हुए उपरोक्तानुसार लक्षणों के आधार पर अनुशंशित दवाओं का निर्धारित मात्रा में उपयोग करते हुए फसल का उपचार करें, जिससे फसल को संभावित नुकसान से बचाया जा सके। आवश्यकतानुसार डां. धनंजय सिंह कृषि वैज्ञानिक मोबाईल नम्बर 9424641061, श्रीमती अमीता तिवारी कृषि विज्ञान केन्द्र सीधी मोबाइल नम्बर 9340417200 तथा अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सम्पर्क कर सकते है।

 

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