गेहूं की फसल पर पीली इल्ली और रसचूसक कीटों का प्रकोप

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

नागझिरी । खरगोन जिले के किसान खरीफ में अतिवृष्टि की मार से उबर भी नहीं पाए थे, कि अब रबी में गेहूं की फसल पर पीली इल्ली और रसचूसक कीटों का प्रकोप से चिंतित किसानों को बर्बादी के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. गौरतलब है कि क्षेत्रीय किसानों द्वारा खरीफ में अतिवृष्टि से कपास, सोयाबीन ,मक्का और प्याज में बहुत घाटा उठाया.अब उनकी आस गेहूं की फसल पर टिकी थी, लेकिन गोगांवा तहसील के करीब एक हजार एकड़ के रकबे में बोई गेहूं की फसल पर पीली इल्ली और रसचूसक कीटों ( जड़ माहू कीट )का प्रकोप देखे जाने से किसान चिंतित हो गए हैं. उत्पादन घटने की आशंका से आर्थिक कष्ट बढ़ेंगे.क्षेत्रीय किसान श्री अशोक नामदेव , श्री गणपति कुशवाह, श्री इंदरसिंह चौहान, श्री ललित राठौड़ ने बताया कि गेहूं की फसल में अंदर से निकल रही पीली इल्ली और रसचूसक फसल को चट कर रहे हैं. गेहूं की फसल को बचाने के लिए पहली बार रासायनिक दवाइयां छिडकी जा रही है, फिर भी कीट नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. हालाँकि श्री पप्पू कुशवाह का कहना है कि सिंचाई के साथ केरोसिन, अन्य पाउडर और देसी नुस्खे का प्रयोग असरकारी रहा है .फिर भी गेहूं की फसल के आरम्भ में ही ऐसी मुश्किल आने से चिंतित किसानों को अब खेती करना घाटे का सौदा लगने लगा है. इस बारे में श्री आर. एस. सिसोदिया, संयुक्त संचालक कृषि, इंदौर संभाग ने कृषक जगत को बताया कि जल्द ही गोगांवा तहसील के प्रभावित गांवों में कृषि अधिकारियों की टीम भेजकर फसलों का अवलोकन कर जाँच एवं उपचार की व्यवस्था करवाता हूँ.

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

three × 3 =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।