माटी कवच पहनाए फसलों को चिंतला रेडी ने विपुल उत्पादन के लिए किए अभिनव प्रयोग

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12 अगस्त 2020, हैदराबाद। माटी का कवच पहनाए फसलों को चिंतला रेडी ने किए विपुल उत्पादन के लिए अभिनव प्रयोग बेहतर कृषि करने के लिए किए जा रहे प्रयोगों में जहां एक और कृषि वैज्ञानिक जी जान लगाकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर खेत में सबसे अधिक समय व्यतीत करने वाला किसान भी अनुसंधान में पीछे नहीं है ।

एक पुरानी कहावत है “जहां समस्या होती है वही समाधान रहता है” यह चरितार्थ करते हैं, हैदराबाद नजदीक श्री रेड्डी 70 एकड़ में खेती करने वाले 70 वर्षीय श्री चिंतला बैंकट रेडी। 12वीं तक शिक्षित पदम श्री से सम्मानित श्री रेड्डी 2003 से फसलों पर मिट्टी छिड़काव कर फसल वृद्धि तकनीकों का प्रयास कर रहे हैं।

हैदराबाद शहर के नजदीक श्री रेड्डी 70 एकड़ अंगूर, धान, गेहूं, सब्जी फसलों का उत्पादन करते हैं। 2003 मैं उन्हें मिट्टी छिड़काव का आइडिया आया एवं अगले बर्ष तक इसको पेटेंट कराया। धीरे-धीरे फसलों पर मिट्टी छिड़काव की तकनीकों में परिवर्तन करते हुए 2012 में सूखी मिट्टी खेत से निकालकर स्प्रे करी जिसमें उत्साहजनक परिणाम आए।

फसलों को जीवित रखने के लिए प्रकृति में सभी पोषक तत्व विराजमान है। बस उसका उचित तरीके से उपयोग किया जाए तो निश्चित सफलता मिलती है। श्री रेडी के 5 वर्षों के शोध में उन्होंने मिट्टी में भरपूर फास्फोरस की मात्रा पाई। मिट्टी का घोल केसे तैयार करें।

श्री रेड्डी (सी.वी.आर.पैटर्न) ने मिट्टी के फसलों पर उपयोग का तरीका बताया कि ऊपर की मिट्टी और अंदर की मिट्टी का 200 लीटर पानी में घोल तैयार कर । उसमें 2 किलो अंकुरित गेहूं या मूंग को पीसकर मिला लें इस घोल का फसलों पर छिड़काव किया गया। जिससे बेहतर परिणाम मिले ।अंकुरित अनाज में गैंहू ,मूंग, धान,चना का भी उपयोग कर सकते हैं

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