राज्य कृषि समाचार (State News)संपादकीय (Editorial)

उद्यानिकी विभाग की पटरी से उतरती ड्रिप योजना

उद्यानिकी विभाग की पटरी से उतरती ड्रिप योजना

(राजेश दुबे)

भोपाल। नई सरकार, नये मंत्री, नये अधिकारी, नये-नये आदेश-दिशा- निर्देश। परिणाम प्रदेश का किसान परेशान खेती बेहाल। कृषक हितैषी नई योजनाएं तो छोड़ो पुरानी योजनाएं ही ठीक से नहीं चल पा रही हैं। उद्यानिकी कृषकों के विकास के लिए उद्यानिकी विभाग में वर्षों से चली आ रही प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में देरी से त्रस्त किसान अब इसके नित नये परिवर्तनों से परेशान हैं। इस योजना के लिए उद्यानिकी विभाग ने जिलेवार लक्ष्य ही लगभग दो माह देरी से इस माह में जारी किए हैं। पूरे प्रदेश में लगभग 32 हजार हेक्टेयर के लिए जारी ये योजना की वित्तीय लागत 100 करोड़ रु. से ऊपर है। यदि लक्ष्य समय पर जारी होते तो न सिर्फ विभाग लगभग आधे लक्ष्यों की पूर्ति होती, बल्कि कपास, मिर्च आदि खरीफ की उद्यानिकी फसलों के किसानों को लाभ भी होता। ‘देर आये दुरुस्त आयेÓ की तर्ज पर लक्ष्य तो जारी हो गये परन्तु नये दिशा-निर्देशों में फिर ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ की स्थिति है। 

नये दिशा-निर्देशों के अनुसार किसान को अब ड्रिप या स्प्रिंकलर पर पूर्वानुसार 10 प्रतिशत टॉप अप सब्सिडी नहीं मिलेगी। यदि एम.पी. एग्रो प्रदायकों से 5 प्रतिशत कमीशन लेता है तो इसका भार भी किसानों पर ही जायेगा। अर्थात् गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष ड्रिप या स्प्रिंकलर सेट के लिए किसानों को अधिक कीमत चुकानी होगी।

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पुन: आवेदन करना होगा। अर्थात् पूर्व के आवेदनकर्ता किसानों की वरीयता भी गई और नये आवेदन के लिए समय, धन सबकी फिर से बर्बादी। सारी प्रक्रिया ऑन लाईन ही होगी लेकिन लाभार्थी का चयन मेनुअली होगा। प्रथम आओ- प्रथम पाओ प्रणाली भी समाप्त। लॉटरी प्रणाली का भी जिक्र नहीं है। कृषक अंश एमपी एग्रो के खाते में जमा होगा। सारी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ड्रिप- स्प्रिंकलर हितग्राही किसान के खेत में लगने के पश्चात किसान व विभागीय संतुष्टि प्रमाण पत्र के बाद ही प्रदायक को कृषक अंश व अनुदान राशि सहित पूर्ण भुगतान होगा। अर्थात् संपूर्ण कार्य 100 प्रतिशत उधारी पर होगी। ऐसे ही विसंगतिपूर्ण दिशा-निर्देश से न तो किसान संतुष्ट हो पा रहा है न ही ड्र्पि स्प्रिंकलर प्रदायक।

एक तरफ जहां किसान इसे कर्जमाफी के बाद किसानों के साथ दूसरा बड़ा धोखा मान रहे हैं वहीं प्रदायक लामबंद होकर ड्रिप- स्प्रिंकलर प्रदाय बंद करने की मन:स्थिति बना रहे हैं।

क्र. जिला       भौतिक लक्ष्य 
  ड्रिपस्प्रिंकलरकुल
चम्बल संभाग
1श्योपुर75125200
2मुरैना7575150
3भिंड75250300
ग्वालियर संभाग
4ग्वालियर7580155
5शिवपुरी300250550
6गुना400500900
7अशोक नगर200400600
8दतिया200200400
भोपाल संभाग
9भोपाल500400900
10सीहोर500400900
11रायसेन200600800
12राजगढ़200500700
13विदिशा150500650
14बैतूल500400900
15होशंगाबाद150150300
16हरदा300300600
सागर संभाग
17सागर100500600
18दमोह75475550
19पन्ना75475559
20छतरपुर500200700
21टीकमगढ़250250500
जबलपुर संभाग
22जबलपुर150175325
23कटनी100200300
24नरसिंहपुर100200300
25छिंदवाड़ा700250950
26सिवनी90260350
27मंडला75200275
28डिंडोरी7575150
29बालाघाट75150225
रीवा संभाग
30रीवा150200350
31सतना75300375
32सीधी300200500
33सिंगरौली20075275
शहडोल संभाग
34अनूपपुर400200600
35शहडोल250350600
36उमरिया400100500
उज्जैन संभाग
37देवास500400900
38उज्जैन184500684
39रतलाम300500800
40शाजापुर350200550
41आगर-मालवा300150450
42मंदसौर300300600
43नीमच300300600
इंदौर संभाग
44इन्दौर300400700
45धार500200700
46अलिराजपुर500150650
47झाबुआ40075475
48खरगोन9000900
49बड़वानी8000800
50खण्डवा600200800
51बुरहानपुर60075675