आम के फल पेड़ पर ही क्यों फटते हैं? जानें उपाय
26 जुलाई 2025, नई दिल्ली: आम के फल पेड़ पर ही क्यों फटते हैं? जानें उपाय – देशभर के किसानों के लिए आम की खेती एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत है, लेकिन कई बार फसल में आने वाली समस्याएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। ऐसी ही एक समस्या है आम के फलों का पेड़ पर ही फट जाना। यह न केवल किसानों के लिए निराशाजनक है, बल्कि आर्थिक नुकसान का कारण भी बनता है। हाल ही में पूसा संस्थान के विशेषज्ञों ने इस समस्या के कारण और समाधान पर प्रकाश डाला है। आइए जानते हैं कि इस समस्या से कैसे निपटा जा सकता है।
समस्या का कारण: कैल्सियम और बोरॉन की कमी
विशेषज्ञों के अनुसार, आम के फलों के फटने का मुख्य कारण है फसल में कैल्सियम और बोरॉन की कमी। ये दोनों पोषक तत्व फलों की कोशिका भित्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी कमी से फलों की त्वचा कमजोर हो जाती है, जिससे वे आसानी से फट जाते हैं। यह समस्या खासकर उन क्षेत्रों में अधिक देखी जाती है, जहां मिट्टी में इन पोषक तत्वों की मात्रा कम होती है।
समाधान: बोरेक्स का उपयोग
इस समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञ बोरेक्स के उपयोग की सलाह देते हैं। बोरेक्स बोरॉन का एक अच्छा स्रोत है, जो फलों को मजबूती प्रदान करता है। किसानों को निम्नलिखित उपाय अपनाने चाहिए:
- छिड़काव: 10-15 दिनों के अंतराल पर बोरेक्स के 0.2 प्रतिशत घोल का 2-3 बार छिड़काव करें। यह घोल पेड़ की पत्तियों और फलों पर सीधे असर करता है, जिससे फलों की त्वचा मजबूत होती है।
- जड़ उपचार: बोरेक्स की 50 ग्राम मात्रा प्रति पेड़ की दर से जड़ के पास मिट्टी में मिला दें। यह पोषक तत्वों को सीधे जड़ों तक पहुंचाता है, जिससे पेड़ की समग्र सेहत में सुधार होता है।
अतिरिक्त सावधानियां
बोरेक्स के उपयोग के अलावा, किसानों को कुछ और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए:
- पानी का संतुलन: पेड़ों को पर्याप्त पानी दें, लेकिन अधिक पानी देने से बचें। अधिक पानी भी फलों के फटने का कारण बन सकता है।
- धूप से सुरक्षा: फलों को सीधे धूप से बचाने के लिए पेड़ों के आसपास छाया प्रदान करने का प्रयास करें। यह फलों की त्वचा को अत्यधिक गर्मी से बचाता है।
किसानों के लिए सलाह
पूसा संस्थान के विशेषज्ञों का कहना है, “इन सरल उपायों को अपनाकर किसान अपने आम के फलों को फटने से बचा सकते हैं और एक स्वस्थ, लाभदायक फसल प्राप्त कर सकते हैं।” यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मिट्टी की नियमित जांच करवाकर पोषक तत्वों की कमी को समय पर पहचाना जाए और उचित कदम उठाए जाएं।
इस प्रकार, सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी से किसान अपनी मेहनत को सफल बना सकते हैं और आम की फसल से अधिक लाभ कमा सकते हैं।
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