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फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन का बीज सुरक्षित रखने के लिए 350-400 RPM पर करें थ्रेशिंग, ICAR-NSRI ने बताई सही तकनीक  

28 सितंबर 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन का बीज सुरक्षित रखने के लिए 350-400 RPM पर करें थ्रेशिंग, ICAR-NSRI ने बताई सही तकनीक -सोयाबीन की उपज को अगर अगले सीजन में बीज के रूप में इस्तेमाल करना है, तो गहाई के समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। सही तरीके से गहाई करने से बीज की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ने से बचाया जा सकता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर (ICAR-NSRI) की 21 से 27 सितंबर 2026 की साप्ताहिक सलाह के अनुसार, आगामी वर्ष बीज के रूप में उपयोग की जाने वाली सोयाबीन की फसल की गहाई 350 से 400 RPM पर करनी चाहिए।  

सुरक्षित बीज के लिए रखी फसल की गहाई में रखें ध्यान

सोयाबीन की ऐसी फसल, जिसकी उपज को अगले वर्ष बीज के रूप में इस्तेमाल किया जाना है, उसकी गहाई सामान्य तरीके से करने के बजाय थ्रेशर की गति का ध्यान रखना जरूरी है। ICAR-NSRI ने किसानों को 350 से 400 RPM की गति पर गहाई करने की सलाह दी है। सही गति पर गहाई करने से बीज के अंकुरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका को कम किया जा सकता है।

कटाई के बाद धूप में सुखाएं फसल

संस्थान ने सोयाबीन की कटी हुई फसल को धूप में सुखाने के बाद गहाई करने की सलाह दी है। यदि किसी वजह से कटाई के तुरंत बाद गहाई करना संभव नहीं है तो फसल को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर एकत्र करके रखना चाहिए। इस तरह गहाई से पहले कटी हुई फसल को बारिश से बचाना भी जरूरी है, खासकर तब जब फसल को बाद में बीज के रूप में इस्तेमाल किया जाना हो।

बीज उत्पादन वाले खेतों में करें नियमित निगरानी

बीज उत्पादन वाले खेतों में सोयाबीन के बीज की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले कीटों से बचाव के लिए फसल की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है। जरूरत होने पर प्रोफेनोफोस @ 1.0 लीटर प्रति हेक्टेयर या एडवाइजरी में दिए गए अन्य अनुशंसित कीटनाशक का निर्धारित मात्रा और अनुशंसित विधि के अनुसार छिड़काव किया जा सकता है। इससे स्टिंक बग, अलमंड मॉथ और पल्स बीटल जैसे कीटों से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

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