फसल की खेती (Crop Cultivation)

कपास की खेती के लिए बीज की तैयारी और बुवाई: सही तरीके से करें बुवाई, पाएं बेहतरीन फसल

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28 मई 2024, खरगोन: कपास की खेती के लिए बीज की तैयारी और बुवाई: सही तरीके से करें बुवाई, पाएं बेहतरीन फसल – उच्च गुणवत्ता वाले बीज और सही बुवाई तकनीक से कपास की उपज बढ़ती है। बीज की तैयारी और बुवाई के सही तरीके अपनाकर किसान अपनी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार कर सकते हैं।

उच्च गुणवत्ता वाले बीज और सही बुवाई तकनीक से कपास की उपज बढ़ती है:

बीज का चयन: प्रमाणित बीजों का चयन करें, जैसे JKCH 99, RCH 2, और MRC 7351। उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से अंकुरण दर अधिक होती है और फसल की पैदावार में सुधार होता है।

बीज का उपचार:

1.       फफूंदनाशक: कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम/किलो बीज। यह बीजों को फफूंद जनित रोगों से बचाता है।

2.       कीटनाशक: इमिडाक्लोप्रिड 5 मिली/किलो बीज। यह बीजों को कीटों से सुरक्षित रखता है।

3.       प्रक्रिया: बीजों को 24 घंटे तक भिगोएं। इससे बीजों का अंकुरण तेजी से होता है और पौधे जल्दी विकसित होते हैं।

बुवाई के तरीके:

·         प्रिसिजन ड्रिलिंग (Precision Drilling): बीजों की सटीक गहराई और दूरी पर बुवाई करें। इससे पौधों की वृद्धि में समानता रहती है और उपज अधिक होती है।

·         ड्रिब्लिंग (Dribbling): बीजों को सीधे मिट्टी में दबाएं। यह विधि अंकुरण को बेहतर बनाती है और पौधे जल्दी बढ़ते हैं।

·         बीज की दर और दूरी: 15-20 किलो प्रति हेक्टेयर, पौधे से पौधा 10-12 इंच, कतार से कतार 24-30 इंच। सही दूरी और बीज दर से पौधों को पोषक तत्व और पानी की आपूर्ति बेहतर होती है।

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