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फसल की खेती (Crop Cultivation)

धान में लवणीय मिट्टी प्रबंधन: स्वस्थ नर्सरी तैयार करने के लिए ICAR-CRRI की सलाह

09 अगस्त 2026, नई दिल्ली: धान में लवणीय मिट्टी प्रबंधन: स्वस्थ नर्सरी तैयार करने के लिए ICAR-CRRI की सलाह –

लवणीय क्षेत्रों में नर्सरी चयन है सबसे महत्वपूर्ण

समुद्री जल या लवणीय मिट्टी से प्रभावित क्षेत्रों में धान की नर्सरी तैयार करना किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। यदि ऐसे क्षेत्रों में सीधे सूखी क्यारी (ड्राई बेड) नर्सरी बनाई जाए, तो अंकुरण और पौध विकास प्रभावित हो सकता है।

आईसीएआर–केन्द्रीय धान अनुसंधान संस्थान (ICAR-CRRI), कटक ने ऐसे क्षेत्रों के किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है।

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सामुदायिक नर्सरी को दें प्राथमिकता

संस्थान के अनुसार लवणीय या समुद्री जल प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई बेड नर्सरी तैयार करने से बचना चाहिए। इसके बजाय कम लवणीय भूमि तथा सुनिश्चित सिंचाई सुविधा वाले स्थान पर सामुदायिक नर्सरी विकसित करना अधिक उपयुक्त रहेगा। इससे स्वस्थ पौध तैयार होने की संभावना बढ़ जाती है।

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स्वस्थ पौध से बढ़ेगी फसल की सफलता

सही स्थान पर तैयार की गई स्वस्थ पौध रोपाई के बाद जल्दी स्थापित होती है और प्रतिकूल परिस्थितियों का बेहतर सामना कर सकती है। इसलिए नर्सरी चयन को धान उत्पादन की पहली महत्वपूर्ण कड़ी माना गया है।

क्षेत्र विशेष के अनुसार अपनाएं कृषि तकनीक

विशेषज्ञों का कहना है कि तटीय और लवणीय क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर नर्सरी तैयार करने से पौधों की जीवित रहने की क्षमता बढ़ती है और फसल की सफलता की संभावना भी अधिक रहती है।

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