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फसल की खेती (Crop Cultivation)

कीट और रोग से मुक्त सोयाबीन: जानें विशेषज्ञों के नुस्खे

24 जुलाई 2024, भोपाल: कीट और रोग से मुक्त सोयाबीन: जानें विशेषज्ञों के नुस्खे – सोयाबीन की खेती में कीट और रोग का प्रकोप किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है। सही समय पर उचित कीटनाशकों और फफूंदनाशकों का उपयोग करके किसानों को अपनी फसल की रक्षा करनी चाहिए। यह लेख सोयाबीन की फसल में कीट और रोग नियंत्रण के प्रभावी उपायों पर केंद्रित है।

कीट नियंत्रण

किसानों को सोयाबीन की फसल में फूल आने से 4-5 दिन पहले क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी @ 150 मिली/हेक्टेयर का छिड़काव करना चाहिए। इससे अगले 30 दिनों तक पत्ती खाने वाले कीटों पर नियंत्रण में मदद मिलती है। तना मक्खी का प्रकोप आमतौर पर प्रारंभिक फसल वृद्धि अवधि के दौरान होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए थियामेथॉक्सम 12.60% + लैंबडा सायहलोथ्रिन 09.50% ZC @125 मिली/हेक्टेयर का छिड़काव किया जा सकता है।


पत्तियों को खाने वाले कीट को खाने वाले पक्षियों के लिए विभिन्न स्थानों पर पक्षी बैठने की व्यवस्था करनी चाहिए। तंबाकू कैटरपिलर और चना पॉड बोरर के प्रबंधन के लिए कीट-विशिष्ट फेरोमोन जाल और NPV (250 LE/हेक्टेयर) का उपयोग किया जा सकता है। जैविक सोयाबीन उत्पादन के लिए बासिलस थुरिंजियेंसिस, ब्यूवेरिया बैसियाना या नोमूरिया रिलेई @ 1 लीटर/हेक्टेयर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

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पीला मोजेक रोग

सोयाबीन की फसल में पीला मोजेक रोग लगभग एक महीने की उम्र में शुरू होने की संभावना है, जिसके लिए रोगग्रस्त पौधों को खेत से उखाड़कर निष्कासित करें तथा इन रोगों को फ़ैलाने वाले वाहक सफ़ेद मक्खी की रोकथाम हेतु पूर्वमिश्रित कीटनाशक थियामेथॉक्सम + लैंबडा सायहलोथ्रिन (125 मिली/हेक्टेयर) या बेटासायफ्लूथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड (350 मिली/हेक्टेयर) का स्प्रे करने की सलाह दी जाती है। इनके छिड़काव से तना मक्खी का भी नियंत्रण किया जा सकता है। यह भी सलाह है की सफ़ेद मक्खी के नियंत्रण हेतु कृषक गण अपने खेत में विभिन्न स्थानों पर पीला स्टिकी ट्रैप लगाए।

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फफूंदजनित रोग एन्थ्रेक्नोज के प्रारंभिक लक्षण देखे जाने पर नियंत्रण हेतु शीघ्रातिशीघ्र टेबुकोनाज़ोल 25.9 EC (625 मिली/हेक्टेयर) या टेबुकोनाज़ोल 10% + सल्फर 65% WG (1250 ग्राम/हेक्टेयर) का छिड़काव करें।

सही मात्रा में पानी का उपयोग

कीटनाशक, हर्बिसाइड और फफूंदनाशक का छिड़काव करते समय अनुशंसित मात्रा में पानी का उपयोग करना महत्वपूर्ण है (450 लीटर/हेक्टेयर बैकपैक स्प्रेयर के लिए या 120 लीटर/हेक्टेयर पावर स्प्रेयर के लिए)। कीटनाशक छिड़काव के लिए कोन नोजल और हर्बिसाइड छिड़काव के लिए फ्लड जेट/फ्लैट फैन नोजल का उपयोग करें।

अनुशंसित रसायनों का उपयोग

सोयाबीन के लिए भारत सरकार के केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड द्वारा जारी सूची में शामिल नही रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए। ICAR-IISR द्वारा अनुशंसित या परीक्षण न किए गए किसी भी कीटनाशक/हर्बिसाइड संयोजन का उपयोग करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान हो सकता है। पीली चिपचिपी जाल का उपयोग पीला मोजेक रोग के वाहक सफेद मक्खी को आकर्षित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर किया जा सकता है।

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