खाद बिक्री केन्द्र का शुभारंभ
भोपाल। जनसंपर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के गोराघाट में गत दिनों खाद बिक्री केन्द्र का शुभारंभ किया। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार हर
भोपाल। जनसंपर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के गोराघाट में गत दिनों खाद बिक्री केन्द्र का शुभारंभ किया। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार हर
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि कृषि लोगों के जीवन और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि पर
इंदौर। टाटा मोटर्स ने जैन-नैक्सट लाइफ स्टाइल एसयूवी-टाटा नैक्सन लांच की। काम्पैक्ट एसयूवी वर्ग की टाटा नैक्सन कंपनी की ‘इंपैक्ट डिजाइनÓ फिलॉसफी पर आधारित चौथा वाहन है। इसमें ग्लोबल और कंटेपरेरी डिजाइन तथा अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ टेक्नालॉजी एवं खूबियां
उज्जैन। सरसों रबी की प्रमुख तिलहनी फसल है, जो कृषकों में बहुत लोकप्रिय होती जा रही है। इसकी वजह ये है कि कम पानी व कम लागत में दूसरी फसलों की अपेक्षा सरसों कृषक को ज्यादा लाभ देती है। इस
बड़वानी। कृषि विज्ञान केन्द्र बड़वानी द्वारा ग्राम कालीबेड़ी (बड़वानी) में पपीता की उन्नत उत्पादन तकनीकी विषय पर कृषक प्रशिक्षण का आयोजन गत दिनों डॉ. एस. के. बड़ोदिया (केन्द्र प्रमुख एवं वैज्ञानिक) के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान केन्द्र
सागर। कृषि विज्ञान केन्द्र, सागर द्वारा ग्राम ढग़रानियाँ में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अन्तर्गत सोयाबीन अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. के. एस. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित
समाधान- आप पालक लगाना चाहते हैं यह समय पालक लगाने के लिये उपयुक्त है आप निम्न उपाय करें- सभी प्रकार की भूमि में पैदा किया जा सकता है। जातियों में पूसा भारती, पूसा हरिता, अलग्रीन, पूसा ज्योति तथा जोबनेर ग्रीन।
समाधान– खेत के आसपास दीमक के बमीठों को खोदकर रानी दीमक को नष्ट करने का प्रयत्न करें। पूरे गांव में सामूहिक रूप से यह कार्य किया जाये तो अच्छे व दूरगामी परिणाम मिलेंगे। गेहूं बोने के पूर्व बीज को क्लोरोफायरीफॉस
समाधान– गेहूं में दोनों सकरी तथा चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार/ नींदा आते हैं। संकरी पत्ती वाले नींदा में जंगली जई, चिरैया बाजरा, दूब व कांस प्रमुख हैं। चौड़ी पत्ती में बथुआ, दूधी, हिरनखुरी, कटेली, सेजी, कृष्णनील, अकरी आदि प्रमुख है।
समाधान– सर्पगन्धा की खेती के लिये नम तथा हल्के गर्म मौसम की आवश्यकता होती है। इसकी जड़ें औषधि के रूप में उपयोग में आती है। अच्छे निकास वाली बलुई से भारी दोमट मिट्टी जिसका पी.एच. 8 से कम हो उपयुक्त