संपादकीय (Editorial)

संपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।

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खेत पाठशाला में नई तकनीक मिली किसानों को

बालाघाट। बालाघाट किसान कल्याण तथा कृषि विकास, के.जे. एजुकेशन सोसायटी आत्मा पी.पी. पार्टनर के रूप में वि.ख.किरनापुर, बिरसा बैहर के ग्राम, नारंगी, नेवरगांव, मोहगांव कला में फार्मस्कूल, समूह निर्माण, आवासीय प्रशिक्षण, प्रगतिशील कृषक, फसल प्लॉट प्रदर्शन आदान सामग्री वितरित कर

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योजनाओं की जानकारी ऑनलाईन मिलेगी : श्री सिंह

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने गत दिनों पीजीएस इंडिया, स्वाईल हेल्थ कार्ड, उर्वरक गुण नियंत्रण प्रणाली तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाओं की मार्गदर्शिका का अनुमोदन किया। इन योजनाओं को वेव पोर्टल पर अपलोड किया गया

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स्वचालित धान रोपाई यंत्र

धान रोपाई के परंपरागत तरीकों में बीज को नर्सरी में बोया जाता है फिर पौधे को धीरे से निकाल कर साफ करके गुच्छा बनाकर जुताई किए गए मिट्टी में बोया जाता है। हाथ से रोपाई करने का काम बहुत मुश्किल

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सही समय, सही तरीके से बढ़ता है उत्पादन

सघन खेती एवं असंतुुलित उर्वरक उपयोग के कारण कृषि भूमि में पोषक तत्वों की उपलब्ध मात्रा में कमी एवं असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होती जा रही है, फलस्वरूप भूमि की उर्वरता एवं उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस

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सार्ड मंथन कृषि की प्राण वायु जैविक खेती

हरित क्रांति में सघन रसायनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि सहयोगी कीटाणु के नष्ट होने से भूमि की उर्वराशक्ति में कमी आई है वहीं उसका भुरभुरापन समाप्त हो गया है। फलस्वरूप, कृषि उत्पादन ला ऑफ डिमशिंग रिटर्न याने रसायनिक उर्वरकों

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कम्बल कीट के प्रकोप का समय आ रहा है

पंचों, मानसूनी वर्षा के तुरंत बाद, कंबल कीड़ा या कामलिया कीट का प्रकोप हर साल हम देखते हैं। खरीफ में बोई गई मक्का, सोयाबीन, उड़द, अरहर, मूंग इत्यादि फसलें, अपनी प्रारंभिक अवस्था में, कंबल कीट क् प्रकोप से सर्वाधिक प्रभावित

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किसानों के बड़े शत्रु खरपतवार

खरपतवारों की श्रेणी में कौन सा पौधा आता है निर्धारित करना सरल कार्य नहीं है, क्योंकि यह भूमि के उपयोग से संबंधित है। एक ही पौधा एक क्षेत्र या स्थान पर फसल हो सकता है और दूसरी परिस्थितियों में खरपतवार

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खरपतवार से मुक्त रखें गन्ना

गन्ने के कुछ ऐसे खरपतवार जो गन्ने में दिन-दूना रात चौगुना बढ़ते हैं। जितना भी कृषि कार्य नियंत्रण हेतु करें पर घटने का नाम नहीं लेते। बीज, कन्द, वानस्पतिक भागों व अन्य तरीकों से फैलते हैं। इन ‘बज्जर’ खरपतवारों में

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लगाएं खरपतवारों पर ब्रेक

यह निर्विवाद सत्य है कि खरपतवारों की उपस्थिति फसल की उपज कम करने में सहायक है. किसान जो अपनी पूर्ण शक्ति व साधन फसल की अधिकतम उपज प्राप्त करने के लिए उगाता है, ये अवांछनीय पौधे इस उद्देश्य को पूरा

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गर्मी- वर्षा में गन्ने की देखभाल

(अ) गन्ने की स्थापित फसल की देखभाल:- शरद कालीन गन्ना:- अक्टूबर नवम्बर में बोई गई फसल इस समय भरपूर बढऩ अवस्था में हैं। अधिकतर कल्ले फूट चुके हैं। एवं गन्ने की पोरियां निचले भाग में दिख रही हैं। यह अवस्थानुसार

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