किस हाल में है गांवों का शासन ?
पंचायती राज 30 साल में कितना मजबूत हुआ लोकतंत्र ? – 2 सी.आर. बिजॉय(अनुवाद: विशाल कुमार जैन ) 7 जुलाई 2022, किस हाल में है गांवों का शासन ? – भारत में लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने के
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसंपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।
पंचायती राज 30 साल में कितना मजबूत हुआ लोकतंत्र ? – 2 सी.आर. बिजॉय(अनुवाद: विशाल कुमार जैन ) 7 जुलाई 2022, किस हाल में है गांवों का शासन ? – भारत में लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने के
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें6 जुलाई 2022, भोपाल । जल संरक्षण और बारानी खेती – बारानी अर्थात् वर्षा आधारित क्षेत्र जो कि देश में 65-70 प्रतिशत है में जल संरक्षण के महत्व से सभी परिचित हैं। जल संरक्षण के उचित प्रबंधन में कमियों के
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंपंचायती राज सी.आर. बिजॉय(अनुवाद: विशाल कुमार जैन ) 4 जुलाई 2022, 30 साल में कितना मजबूत हुआ लोकतंत्र ? – भारत में लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने के लिहाज से साल 1992 को मील का पत्थर माना जाता
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसंदीपन तालुकदार 4 जुलाई 2022, पृथ्वी पर बायोडायवर्सिटी और इकोसिस्टम की सुरक्षा के लिए संरक्षण की आवश्यकता – यह अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया भर की सरकारें जैव विविधता संरक्षण के लिए अपने लक्ष्य निर्धारित करना शुरू कर चुकी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें4 जुलाई 2022, भोपाल । कृषि में संतुलित उर्वरक आवश्यक – रसायनिक उर्वरकों के उपयोग में संतुलन लाना आज की आवश्यकता है। उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के चलते ना केवल उनका संतुलित उपयोग महत्वपूर्ण है। बल्कि उन उर्वरकों का भूमि
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंजयराम शुक्ल, मो.: 8225812813 1 जुलाई 2022, आजादी के बाद तबीयत से छले गए हमारे गाँव ! – पंचायत सरकार 8 जुलाई तक चुन ली जाएगी। विधायकों और सांसदों ने अपने पट्ठे ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक उतारे
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंवैश्विक खाद्य संकट विकास रावल 23 जून 2022, घरेलू आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता – खाद्य संकट रूस-यूक्रेन युद्ध के पहले से चालू है। सरकारों को यह महसूस करना चाहिए कि खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता का कोई विकल्प नहीं है, और
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें23 जून 2022, कृषि तकनीकी का विस्तार जरूरी – वर्तमान में कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिये सभी स्तर पर प्रयास चलाये जा रहे हैं। चाहे वो कृषक हो या कृषि विभाग के मैदानी कार्यकर्ता अथवा शासन की नीतियां
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंडॉ. जितेन्द्र सिंह, केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री, भारत सरकार 23 जून 2022, नई दिल्ली । कृषि तकनीकी स्टार्टअप्स की एक नई लहर – कृषि, भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक स्तंभ है, यहां की 54 प्रतिशत आबादी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें17 जून 2022, अच्छे उत्पादन कीप्रथम सीढ़ी ‘बीज’ – खेती के विभिन्न आदानों में बीज विशेष होता है और उस बीज के मद में लागत भी सबसे अधिक होती है। मसाला फसल, औषधि फसल, नगदी फसलों के बीज पर तो
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