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कलेक्टर ने व्यापारियों और मंडी अधिकारियों के साथ की बैठक

06 अक्टूबर 2025, इंदौर: कलेक्टर ने व्यापारियों और मंडी अधिकारियों के साथ की बैठक –  मध्यप्रदेश शासन द्वारा सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण योजना लागू की है। इस योजना के तहत 3 अक्टूबर से किसानों के पंजीयन कार्य प्रारम्भ किये जा चुके है। शनिवार को कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने व्यापारियों, किसान संघ के पदाधिकारियों और मंडी अधिकारियों के साथ बैठक की।

कलेक्टर श्री वर्मा ने व्यापारियों और किसान संघ से भावान्तर योजना के पंजीयन, खरीदी और मॉडल रेट और एमएसपी रेट के बीच की राशि का भुगतान के  संबंध में  जानकारी दी। साथ ही उन्होंने किसानों के भुगतान को लेकर कहा कि ऑनलाइन भुगतान करना आवश्यक है। इसके अलावा मॉडल रेट के विषय मे भी आवश्यक चर्चा की। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने भावान्तर योजना को समुचित रूप से क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न समितियां गठित की है। गठित समितियों को अलग अलग स्तर पर जिम्मेदारियां दी गई है। इन समितियों में कृषि व मंडी विभाग के अमले के साथ ही राजस्व अमला भी निगरानी कार्यो में संलग्न होगा।

अपर कलेक्टर को बनाया नोडल अधिकारी – भावान्तर योजना में 17 अक्टूबर तक पंजीयन के बाद सोयाबीन फसल विक्रय का कार्य 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके लिए अपर कलेक्टर श्री विजय पंवार नवजीवन को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जबकि कृषि उप संचालक श्री सी.एल. केवड़ा, एम.पी. एग्रो के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री जे.के. जैन और मंडी सचिव श्री रामवीर किराड़ को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कृषि उप संचालक श्री केवड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार 3 बजे तक इंदौर जिले में 4 हजार 366 किसानों ने भावान्तर योजना में पंजीयन कराया है।

समितियों में 8 सदस्य नियुक्त – कलेक्टर श्री वर्मा ने भावांतर योजना में जिले की मंडियों के लिए मंडी समिति नियुक्त की है। इन समितियों का दायित्व भी निर्धारित किया गया है। इंदौर, देपालपुर,महू और सांवेर मंडी समिति के अलावा जिला स्तरीय मंडी समिति भी बनाई गई है। मंडी समितियां सोयाबीन की सम्पूर्ण प्रक्रिया व स्कंध गुणवत्ता का कार्य भी देखेगी।

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क्लस्टर नोडल अधिकारी केन्द्रवार नियुक्त – भावान्तर योजना के सफल  क्रियान्वयन के लिए केन्द्रवार 6-6 क्लस्टर नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। इन क्लस्टर नोडल अधिकारियों के साथ प्रति पंजीयन केन्द्रवार एक-एक पंजीयन केंद्र प्रभारी भी बनाये गए है। इसके अलावा एक अन्य समिति एसडीएम व भू-अभिलेख अधीक्षक को शामिल कर बनाई गई है। जो कृषकों  के  पंजीयन कार्य का सत्यापन कार्य देखेगी।

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