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आलू उत्पादन 4.7 करोड़ टन होने की संभावना

नई दिल्ली। अनुकूल मौसम रहने से इस वर्ष देश में आलू उत्पादन रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच सकता है। पिछले साल से आलू उत्पादन करीब 8 फीसदी बढऩे की संभावना है। जिससे इस साल कोल्ड स्टोर पूरे भर चुके हैं और बड़ी मात्रा में आलू स्टोर के बाहर बचा है। गर्मी बढऩे के बीच आलू खराब होने के डर से किसान इसकी आवक मंडियों में बढ़ा रहे हैं जिससे आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले आलू के दाम आधे से भी कम हैं और किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है।

  • ज्यादा उत्पादन से लगातार गिर रहे हैं आलू के दाम
  • आलू किसानों की लागत निकलना भी हुआ दूभर

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) के प्रबंध निदेशक श्री ए के सिंह ने कहा, फसल की स्थिति तथा मंडियों में आवक को देखते हुए कुल उत्पादन रिकॉर्ड स्तर के करीब रहेगा। इस साल आलू का उत्पादन 4.7 करोड़ टन रहेगा, जो वर्ष 2014 के 4.8 करोड़ टन के अधिकतम उत्पादन स्तर के काफी करीब हैै। साथ ही फसल वर्ष 2015-16 (जुलाई-जून) में आलू उत्पादन 4.34 करोड़ टन से भी अधिक है। श्री सिंह ने कहा कि शुरुआत में एनएचबी ने इस साल उत्पादन 4.38 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन आवक के आकलन के बाद इसमें संशोधन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आलू का बुआई क्षेत्र पिछले साल के करीब ही है। लेकिन बेहतर मौसम स्थिति तथा आलू की खुदाई से पहले बेमौसमी बारिश से फसल की संभावना बढ़ी है और प्रति हेक्टेयर उत्पादन सुधरने की उम्मीद है।

आलू की उन्नत खेती

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