भिण्डी की बसन्त में लगाई जाने वाली नवीनतम जातियों की जानकारी दें।

Share

समाधान

  • भिण्डी की नई जातियों में प्रमुख है चंचल, कोमल, निर्मल तथा बरगुन्डी हैं चंचल जाति की भिण्डी 15 से 20 से.मी. लम्बी रहती हैं और यह बोनी के 40-45 दिन बाद पहले मुख्य तने तथा बाद में टहनियों पर फलती है। यह पीले मोजेक वाइरस के प्रति सहनशील है।
  • कोमल जाति की भिण्डी 10-20 से.मी. लम्बी रहती है और यह बुआई के 48-50 दिन बाद फलने लगती है। यह जाति पीले मोजेक वायरस तथा भभूतिया रोग के प्रति सहनशील रहती है।
  • निर्मल जाति की फलियों की लम्बाई भी 10-12 से.मी. रहती है और यह बुआई के 38 से 40 दिन बाद ही फलने लगती है।
  • बरगुन्डी जाति की पत्तियां तो हरी रहती हैं। परंतु तना, शाखायें तथा पत्ती की शिरा तथा फलियां बरगुन्डी रंग की रहती है। मिट्टी की लम्बाई 12 से 18 से.मी. तक रहती है। पकाने पर इसका रंग हरा हो जाता है।

– किशन सिंह, जलगांव (महा.)

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.