कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम की जनजागरूकता कार्यशाला सम्पन्न

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मन्दसौर। जैव विविधता में सम्पन्न मंदसौर जिले के किसान अपनी अपनी फसलों की किस्मों का शासन स्तर पर पंजीयन करवाकर व्यापार में होने वाले लाभों को प्राप्त कर सकते हैं। अब तक यह मुनाफा चंद व्यापारी एवं निजी कम्पनियां ही कमा रही थीं। मंदसौर में कृषि क्षेत्र में नवाचार के लिये भारत सरकार का कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण क्षेत्र के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक श्री नरेन्द्रसिंह सिपानी के नाम की अनुशंसा पद्म पुरस्कार हेतु करेगा।
ये विचार केंद्र सरकार के पौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण के चेयरपरसन डॉ. के वी प्रभु ने व्यक्त किये। वे स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र एवं उद्यानिकी महाविद्यालय द्वारा सिपानी कृषि अनुसंधान फार्म पर पौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम की जनजागरूकता हेतु आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम किसानों के अधिकारों का संरक्षण करता है। उद्यानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अशोक कृष्ण , अटारी जबलपुर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस. आर. के. सिंह एवं फल विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. सिंह ने अधिनियम के प्रावधानों के प्रचार पर बल देते हुए कहा कि सब को मिलकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास करने होंगे।
उद्यानिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. जी. एन. पाण्डे ने कहा कि वर्तमान में जिले से 22 हजार करोड़ की कृषि उपज निर्यात होती है। जबकि संभावना 50 हजार करोड़ की है। स्वागत भाषण सिपानी कृषि अनुसंधान फार्म के श्री नरेंद्र सिंह सिपानी ने दिया। संचालन वरिष्ठ पत्रकार श्री ब्रजेश जोशी ने किया। आभार माना डॉ. आर. सी. आसवानी ने।

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