कृषि में उद्यमिता का विकास करें : डॉ. राव

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राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में एक्शन प्लान कार्यशाला

ग्वालियर। कृषि विज्ञान केन्द्रों और उनके वैज्ञानिकों का लक्ष्य मात्र अवॉर्ड हासिल करने के लिए काम करना ही नहीं है उन्हें अब ऐसा काम करना होगा जिससे उनके द्वारा किसानों की आमदनी बढ़े, साथ ही कृषि क्षेत्र में उद्यमिता का अधिकाधिक विकास हो। किसान और युवा उद्यमियों की सफलता ही कृषि विज्ञान केन्द्रों के काम की गुणवत्ता का पैमाना होना चाहिए।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कृषि विज्ञान केन्द्र एक्शन प्लान कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए यह बात कुलपति डॉ. एस. के. राव ने कही। उन्होंने प्रदेश के कृषि विज्ञान केन्द्रों से आए वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि विशेषज्ञ होने के बावजूद वे किसान से भी सीखें और उस फीडबेक को विश्वविद्यालय लैब में लाकर किसानों को अधिक उपयोगी जानकारी अपने केन्द्र से ही लौटाएं।
पहले दिन निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. आर. एन. एस. बनाफर ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों की कार्यप्रणाली को किसानों के लिए और अधिक उपयेागी बनाने यह संवाद किया जा रहा है। इससे मिले फीडबेक से एक्शन प्लान बनाकर तीव्रगामी कृषि सुधार किए जाएंगे। निदेशक अनुसंधान डॉ. बी. एस. बघेल ने कहा कि काम के प्रति स्पष्टता से जीवन में लक्ष्य हासिल होते हैं। निदेशक प्रक्षेत्र डॉ. जे.पी. दीक्षित ने कहा कि किसानों के हित में व्यवहारिक योजना निर्माण की दिशा में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण है। निदेशक शिक्षण डॉ. आर. एल. राजपूत ने कृषि विज्ञान केन्द्रों की किसानों की आमदनी बढ़ाने की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यशाला का संचालन डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह ने किया एवं आभार डॉ. सुधीर सिंह भदौरिया ने व्यक्त किया। इस कार्यशाला में कुलसचिव डी. एल. कोरी सहित कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकगण आदि मौजूद थे।

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