सल्फर मिल्स के फर्टिस से पाएं भरपूर उत्पादन

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इंदौर। सल्फर मिल्स के उर्वरक फर्टिस से पौधों का समुचित विकास होता है। पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। फल और फूल अत्यधिक मात्रा में आते हैं, जिससे किसानों को भरपूर लाभ मिलता है। फलदार पौधों जैसे पपीता, केला के अलावा कपास, मिर्च, टमाटर आदि फसलों में फर्टिस बहुत लाभकारी सिद्ध हुआ है।
उक्त बात सल्फर मिल्स लि. मुंबई के प्रॉडक्ट मैनेजर श्री राकेश राहुल ने ग्राम सजवानी के प्रगतिशील किसान श्री मनीष पाटीदार के खेत पर पपीता फसल निरीक्षण के दौरान कही। श्री राहुल ने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान निमाड़ अंचल के धामनोद-बड़वानी के ग्रामों में फसलों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान सीनियर एरिया मैनेजर इंदौर श्री प्रकाश सगीत्रा तथा भोपाल जोन के एरिया मैनेजर श्री सुरेश शर्मा भी उनके साथ थे। श्री राहुल ने फर्टिस की विशेषताएं बताते हुए कहा कि रोपाई के 15 दिन के बाद 10 ग्राम प्रति पौधा तथा उसके 30 दिन के अंतराल के पश्चात 20-20 ग्राम प्रति पौधा इस प्रकार कुल 50 ग्राम प्रति पौधा के मान से फर्टिस से उपचारित किया जाता है तो फसल का समुचित विकास होता है। पौधों के अंदर किसी भी तरह के रोग से लडऩे की प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होती है। किसानों को खेतों में स्वस्थ फसल मिलती है और अत्यधिक मात्रा में पौधों पर फूल और फल आते हैं। फर्टिस से उपचारित होने से फलों का आकार बड़ा मिलता है और स्वाद में प्राकृतिक मिठास मिलती है। श्री सगीत्रा एवं श्री शर्मा ने किसानों को कपास, मिर्च, टमाटर तथा केले की फसल में फर्टिस तथा कम्पनी के अन्य उत्पादों से होने वाले फायदों की जानकारी दी।

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