सब्जियों के गिरते दामों से किसान निराश

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(विशेष प्रतिनिधि)
 चार आने टमाटर और रुपये किलो प्याज के भाव मिलने से किसान बेजार एवं निराश हैं और सरकार खेती की आमदनी दूनी करने का खटराग अलाप रही है। जब अन्नदाता सड़क पर आ जाये तो समझिये टके सेर भाजी, टके सेर खाजा की नगरी वाले राजा के होश उड़ जाते हैं। फौरन समीक्षाएं शुरू हो जाती हैं, मंथनों की अन्तहीन श्रृंखला में विशेषज्ञ मंत्रालय में जुट जाते हैं। एक तरफ नोटबंदी से किसानों को खेती की लागत निकालना मुश्किल हो गया है। क्या मंडी, क्या बाजार सभी जगह सब्जियां कौड़ी के भाव बिक रही हैं। आलू, टमाटर सड़क पर बिखर रहा है, प्याज गोदाम में सड़ रही है, आंवले जैसी उपयोगी औषधीय फसल दो रुपए किलो बिक रही है तब दूसरी तरफ सरकार हरकत में आई है। प्याज का दंश अभी तक चुभ रहा है तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी सम्बन्धित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और विचार प्रारंभ हुआ।   

मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी फसलों, खाद्यान्न की कीमतों पर निगरानी रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव खाद्य एवं प्रमुख सचिव कृषि को प्रतिदिन बाजार दरों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी है।
सब्जियों की फुटकर बिक्री वाली मण्डियों में सब्जी विक्रेताओं एवं ग्राहकों की सहूलियत के लिये कैश वेन की सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। बैंकों से चर्चा के बाद कैश वेन की सुविधा सभी शहरों में उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने तुअर एवं सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिये सभी आवश्यक तैयारियां करने के भी निर्देश देते हुए कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय से भी आवश्यक सहयोग के लिये चर्चा की जायेगी। श्री चौहान ने सब्जियों के परिवहन के संबंध में ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं के समाधान के लिये उनसे चर्चा करने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार से किसानों का नुकसान नहीं होना चाहिये। किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलवाया जायेगा। उनके व्यापक हित के लिये सभी जरूरी कदम उठाये जायेंगे।

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