राज्य कृषि समाचार (State News)उद्यानिकी (Horticulture)

सब्जियों के गिरते दामों ने किसानों की आर्थिक सेहत बिगाड़ी

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16 दिसम्बर 2022, इंदौर: सब्जियों के गिरते दामों ने किसानों की आर्थिक सेहत बिगाड़ी – सर्दियों का मौसम स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। ताज़ी, हरी और पत्तेदार सब्जियां सेहतमंद बनाती हैं, लेकिन इन दिनों मंडियों में सब्जियों के गिरते दामों ने सब्जी उत्पादकों की आर्थिक सेहत बिगाड़ दी है। लागत मूल्य भी नहीं निकल पाने से किसान निराश हैं। कृषक जगत द्वारा निमाड़ -मालवा के कुछ किसानों से चर्चा की गई, जिसमें उन्होंने अपनी तकलीफ साझा की।

श्री धर्मेंद्र भागीरथ पाटीदार ,ग्राम गोगांवा तहसील महेश्वर ने बताया कि पत्ता गोभी, बैंगन और लौकी आदि सब्जियां लगाई है , लेकिन  इन दिनों फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। पिछले दिनों 27 क्विंटल बैंगन इंदौर मंडी में भेजा था ,जो 6  रुपए किलो की दर से बिका। इसी तरह 20 किलो लौकी का पाउच मात्र 50 रु में बिका। इस कारण बीज, दवाई, मजदूरी और परिवहन का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। यदि यही हाल रहा तो भविष्य में किसान सब्जियों की खेती नहीं कर पाएंगे। ऐसे में जैविक खेती ही उचित है , जिसमें अतिरिक्त लागत नहीं आती है। किसान मोर्चे से जुड़े होने के बावजूद श्री पाटीदार ने  फसलों की कीमतों  को लेकर किसानों /संगठनों में एकता नहीं होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया । श्री दीपक कुशवाह ग्राम कोठा जिलाखरगोन ने प्याज़ लगाए हैं, जिसकी फसल जनवरी के पहले सप्ताह में आएगी। पुराने प्याज़ 10  रु किलो बिक रहे हैं। श्री कुशवाह ने मजदूरों की समस्या का जिक्र कर कहा कि मजूदरी महंगी पड़ रही है। मजदूर  दिन में 12 बजे तक तीन घंटे काम करते हैं और 150 ले जाते हैं। पूरे दिन के 300 -350  रुपए देना पड़ते हैं। वहीं श्री राजू भाई पाटीदार और श्री धीरज पाटीदार कसरावद ने नवंबर में टमाटर लगाए हैं। फसल जनवरी में आएगी, लेकिन टमाटर के वर्तमान के दामों से चिंतित हैं कि इनकी फसल आने तक बाज़ार का क्या रुख रहेगा। बारिश में गिलकी ,खीरा आदि लगाने वाले श्री धीरज का गर्मियों से पूर्व खरबूजे लगाने का विचार है।

श्री विकास जाधव, ग्राम बालोदा तहसील सांवेर जिला इंदौर ने बताया कि गर्मी में डेढ़ बीघा में भिंडी लगाई थी, जिसका अच्छा दाम मिला था। अभी डेढ़ बीघा में बटला, पालक, मेथी आदि सब्जियां लगाई हैं, लेकिन भाव अच्छा नहीं मिलने से लागत भी नहीं निकल पा रही है।  निरंजनपुर मंडी में बटला 20 -22 रु ,पालक 8 -10 रु और मेथी 5 -6  रु /किलो बिक रही है। एक व्यक्ति की मजदूरी 250  रुपए रोज है। यदि मेथी उखड़वाना भी चाहें तो 5 मजदूर दिन भर में 2 क्विंटल मेथी उखाड़ पाएंगे ,जिसकी मंडी में कीमत 1000 मिलेगी। मेथी को 32  किमी दूर निरंजपुर मंडी भेजने का भाड़ा , मंडी कमीशन और हम्माली अलग से लगेगा,जो घाटे का सौदा होगा।श्री लाखन कुशवाह,  ग्राम हिंगवानिया ने आधे बीघे में पालक लगाई है। निरंजनपुर मंडी में पालक 5 -7 रुपए किलो बिक रही है। जबकि 40 – 50  रुपए/ क्विंटल का भाड़ा और 8 % मंडी कमीशन लगेगा। ऐसे में किसान क्या कमाएगा ?

श्री लीलाधर पाटीदार,सब्जी एजेंट, इंदौर ने कृषक जगत को बताया कि सब्जी मंडी में सब्जियों की आवक ठीक हो रही है। मंडी में मटर 15 -16  रु ,सुपर गिलकी 14 -15  रु,मेथी 7 -8 रु ,पालक 5 -6 रु, भिंडी 20 -25 रु ,बैंगन 6 -7  रु /किलो , गोभी 10 -12  रु प्रति नग  और टमाटर 150  रु प्रति कैरेट बिक रहा है।

महत्वपूर्ण खबर: कपास मंडी रेट (14 दिसम्बर 2022 के अनुसार)

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