ऐतिहासिक फैसला, आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक 500 एवं 1000 के नोट बंद

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नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बेहद साहसिक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए। भ्रष्टाचार, काले धन और आतंकवाद पर अचानक हमला करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बड़े मूल्य वाले ये दोनों नोट बंद हो जाएंगे। उनके स्थान पर जल्द ही 500 का नया नोट और 2000 रुपये का नोट भी जारी किया गया है।
श्री मोदी ने राष्ट्र के नाम विशेष संदेश में कहा कि आधी रात से दोनों नोटों की वैधता खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, 500 और 1000 रुपये के नोटों के लेनदेन की कोई कानूनी अहमियत नहीं रह जाएगी।
प्रधानमंत्री ने जनता को आश्वस्त करते हुए यह भी कहा कि इस ऐलान से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि 500 और 1000 रुपये के नोटों को बदलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इन्हें बदलने के लिए 50 दिन का समय दिया जाएगा, जो गत 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक रहेगा। इस दौरान बैंकों और डाकघरों में पुराने नोट देकर उनके बदले कम मूल्य के नोट लिए जा सकते हैं। जो लोग किसी कारणवश 30 दिसंबर तक इन नोटों को नहीं बदल पाते हैं, वे पहचान का प्रमाण देकर अगले साल 31 मार्च तक इनकी बदली कर सकते हैं। बैंक काउंटर पर अपने वैध पहचान प्रमाण के साथ एक दिन में 4,000 रुपये से अधिक के नोटों की बदली नहीं की जा सकेगी। सरकार ने एटीएम से रकम निकालने के लिए नियम भी सख्त कर दिए हैं। श्री मोदी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति एटीएम से एक दिन में अधिकतम 2,000 रुपये निकाल सकता है। चेक के जरिये एक दिन में 10,000 रुपये निकाले जा सकते हैं और किसी भी खाते से हफ्ते में अधिकतम 20,000 रुपये निकाले जा सकते हैं।
श्री मोदी ने यह भी कहा कि मुद्रा के लेनदेन के किसी भी अन्य तरीके में कोई तब्दीली नहीं होगी। चेक, डिमांड ड्राफ्ट, क्रेडिट या डेबिट कार्ड आदि से लेनदेन जारी रहेगा।

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