Fertiliser

उर्वरक (Fertiliser) से संबंधित नवीनतम समाचार। किसानों और कृषि समुदायों के लिए उर्वरक पर नवीनतम समाचार और अपडेट, उर्वरक सब्सिडी, उर्वरक उपलब्धता, उर्वरक खुराक, पोषक तत्व आधारित सब्सिडी, उर्वरक की आवश्यकता, विभिन्न फसलों के लिए उर्वरक की आवश्यकता। यूरिया, डीएपी, एमओपी, एसएसपी, आदि पर उर्वरक सब्सिडी के नवीनतम समाचार और अपडेट।

भारत में उर्वरक (Fertiliser) कंपनियों की सूची, भारत में उपलब्ध उर्वरक उत्पाद, पानी में घुलनशील उर्वरक, तरल उर्वरक, एफसीओ। नैनो यूरिया, इफको नैनो यूरिया, कोरोमंडल नैनो यूरिया पर समाचार।

राज्य कृषि समाचार (State News)

अब मंडी में ही मिलेगा खाद, नर्मदापुरम में नई व्यवस्था लागू

01 जुलाई 2025, नर्मदापुरम: अब मंडी में ही मिलेगा खाद, नर्मदापुरम में नई व्यवस्था लागू – मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के किसानों के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की गई है। अब किसानों को खाद खरीदने और अपनी उपज

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
राज्य कृषि समाचार (State News)

वैज्ञानिकों का कमाल, खेत में खाद डालने के लिए बनाई स्वचालित मशीन

13 मई 2025,भोपाल: वैज्ञानिकों का कमाल, खेत में खाद डालने के लिए बनाई स्वचालित मशीन – किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा नई तकनीक विकसित करने का सिलसिला जारी रहता है। इसी श्रृंखला में एक और कमाल किया है वैज्ञानिकों

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisement7
Advertisement
राज्य कृषि समाचार (State News)

जीवामृत के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता हुई खत्म  

29 अप्रैल 2025, सीहोर: जीवामृत के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता हुई खत्म  – रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के निरंतर प्रयोग से भूमि की घटती उर्वरा शक्ति को रोकने और कृषि भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए सरकार द्वारा किसानों

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
Advertisement3
Advertisement
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

उर्वरक संतुलन से ज़्यादा जरूरी है मिट्टी सुधार

लेखक: शशिकांत त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार, मो.: 9893355391 06 जनवरी 2025, नई दिल्ली: उर्वरक संतुलन से ज़्यादा जरूरी है मिट्टी सुधार – यूरिया पर भारी सब्सिडी वास्तव में अनाज की पैदावार बढ़ाने की बजाय वायुमंडल में अधिक जहर पैदा कर रही

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
राज्य कृषि समाचार (State News)

रासायनिक खादों के खतरे और जैविक विकल्प

लेखक: पवन नागर 31 दिसंबर 2024, भोपाल: रासायनिक खादों के खतरे और जैविक विकल्प – बुवाई के मौसम में रासायनिक खाद की मारामारी खेती के एक सालाना कर्मकांड की तरह होने लगी है। इसके तहत कई जगहों पर मारपीट, गोदामों

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisement7
Advertisement
राज्य कृषि समाचार (State News)

उमरिया कलेक्टर ने रासायनिक उर्वरक की समीक्षा की

10 दिसंबर 2024, उमरिया: उमरिया कलेक्टर ने रासायनिक उर्वरक की समीक्षा की –  कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने समय सीमा की साप्ताहिक बैठक में जिले में रासायनिक उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
Advertisement3
Advertisement
राज्य कृषि समाचार (State News)

विदिशा जिले में 59045 मीट्रिक टन खाद का वितरण

22 नवंबर 2024, विदिशा: विदिशा जिले में 59045 मीट्रिक टन खाद का वितरण – कलेक्टर श्री रोशन कुमार सिंह के विशेष प्रयासों से  जिले में विभिन्न प्रकार के खाद की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है।  खाद  के रैक जिले

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने डीएपी की कमी के दावों को खारिज किया; एमआरपी 1350 रुपये पर बरकरार

04 नवंबर 2024, नई दिल्ली: रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने डीएपी की कमी के दावों को खारिज किया; एमआरपी 1350 रुपये पर बरकरार – रासायनिक और उर्वरक मंत्रालय ने हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में रबी सीजन में डीएपी (डायमोनियम फॉस्फेट) की

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
राज्य कृषि समाचार (State News)

संयुक्त दल ने उर्वरक विक्रेताओं के गोदामों एवं दुकानों का किया निरीक्षण

21 अक्टूबर 2024, बुरहानपुर: संयुक्त दल ने उर्वरक विक्रेताओं के गोदामों एवं दुकानों का किया निरीक्षण – कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री भव्या मित्तल के निर्देशानुसार जिले में कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

किसानों को सिंगल सुपर फास्फेट और यूरिया के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह 

11 सितम्बर 2024, राजस्थान: किसानों को सिंगल सुपर फास्फेट और यूरिया के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह – मानसून की अच्छी वर्षा के चलते बांधों, जलाशयों और फॉर्म पौंड में पानी की भरपूर उपलब्धता ने फसलों के क्षेत्रफल में

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें