अल्प वर्षा के कारण गेहूं का रकबा घटा

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  • (राजीव कुशवाह, नागझिरी)

18 नवंबर 2021, अल्प वर्षा के कारण गेहूं का रकबा घटा – इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण नागझिरी क्षेत्र में रबी की मुख्य फसल गेहूं का रकबा करीब 5 गुना घट गया है। खरीफ में प्याज और मिर्च फसल में हुए घाटे और आगामी जल संकट को देखते हुए क्षेत्र के किसान इस साल रबी में दलहन और सब्जियों की फसल की ओर रुख कर रहे हैं। जिनमें मुख्यत: चना, सरसों, सब्जियों में ग्वारफली, गोभी, मेथी, हरा धनिया आदि शामिल है।

किसान श्री संजय चौधरी और श्री लल्लू कुशवाह ने कृषक जगत को बताया कि खेती में लगातार घाटा होने और अल्प वर्षा के कारण पानी की कमी को देखते हुए किसानों का रबी में चना, सरसों और सब्जियों में ग्वारफली, गोभी, मेथी, हरा धनिया जैसी छोटी उम्र की फसल लेने के प्रति रुझान बढ़ा है। क्षेत्र में एक दशक बाद गेहूं का रकबा पांच गुना कम हुआ है। वहीं किसान श्री ओमप्रकाश पटेल और श्री राधेश्याम यादव ने कहा कि खरीफ में मिर्च, कपास, सोयाबीन और मक्का की फसल में बहुत नुकसान हुआ। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल पाया। कृषि आदान विक्रेता श्री अजय सुगंधी और श्री विजय चौधरी का कहना था कि किसान घाटे से उबरने के लिए गेहूं के बजाय चना और सब्जियों के बीज ज्यादा खरीद रहे हैं। क्षेत्र के उन्नत किसान तो गेहूं का अच्छी किस्म का घर का बीज या तो बो चुके हैं या बोएंगे।

क्षेत्र के किसानों ने लगातार घटते जल स्तर के बीच महत्वपूर्ण बिस्टान उद्वहन सिंचाई परियोजना की मंथर गति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संबंधित विभाग की लापरवाही एवं अव्यवस्था के कारण यह परियोजना अभी तक पूर्ण आकार नहीं ले पाई है। इस कारण क्षेत्र के किसान सिंचाई का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। बिस्टान उद्वहन सिंचाई परियोजना को जल्द पूरा किया जाना चाहिए। आगामी जल संकट को देखते हुए ही क्षेत्र में गेहूं रकबा घटा है।

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