राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों से गांव, खेती से देश समृद्ध होगा

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कोई भी सरकार किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले कानून नहीं बना सकती

(नई दिल्ली कार्यालय)

1 मार्च 2021, नई दिल्ली । किसानों से गांव, खेती से देश समृद्ध होगा – केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि लोकतंत्र में कोई भी सरकार कभी ये हिमाकत नहीं कर सकती कि वो कोई ऐसा कानून बनाए, जो किसानों को नुकसान करने वाला हो। भारत सरकार ने कृषि सुधार कानून बनाए, जिनके माध्यम से किसान चाहे तो मंडी के बाहर भी, कहीं भी, किसी को भी मनचाही कीमत पर अपनी फसल बेच सकता है। श्री तोमर ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों को मंडी के बाहर उपज की खरीद-बिक्री पर किसी भी तरह के टैक्स से माफी दी, बिना टैक्स के कहीं भी उपज बेचने की अनुमति दी और कानूनी बंदिशों से आजादी दी तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र की मजबूती और प्रगति के लिए संचालित अनेक योजनाओं व कार्यक्रमों का पूरा लाभ लेने का आग्रह करते हुए कहा कि देश का किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा, खेती समृद्ध होगी तो भारत समृद्ध होगा, तभी आने वाले कल में भारत दुनिया के श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में स्थापित हो पाएगा। कृषि मंत्री श्री तोमर ने ये बातें दिल्ली में तीन दिवसीय वार्षिक पूसा कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ करते हुए कही। यह मेला कृषि कुंभ कहलाता हैै।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानी के क्षेत्र से कानूनी बंदिशें हटाने, 10 हजार नए एफपीओ बनाने और 1 लाख करोड़ रूपए के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसे ठोस उपायों के कारण निजी निवेश गांव-गांव तथा खेतों तक पहुंचेगा। इससे देश के 86 प्रतिशत छोटे व सीमांत किसानों को काफी लाभ मिलेगा। श्री तोमर ने कहा कि खेती के क्षेत्र में हमारे पास रकबा, मानव संसाधन, अच्छी गुणवत्ता के बीज, अच्छी तकनीक भी है, हमारे किसानों का परिश्रम है, पूसा जैसे संस्थानों का अनुसंधान है, हर जिले में कृषि विज्ञान केंद्र है तो फिर कोई कारण नहीं कि भारतवर्ष इतने बड़े भूगोल के बावजूद कृषि के क्षेत्र में दुनिया में बादशाहत न कर सकें।

विशेष अतिथि कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी ने कहा कि हमारे किसान व वैज्ञानिक प्रगति कर रहे हैं, सरकार भी कृषि क्षेत्र की तरक्की के लिए लगातार काम कर रही है। कृषि का बजट भी काफी बढ़ा दिया गया है। डेयर के सचिव व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने भी संबोधित किया। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने मेले की जानकारी दी।

प्रारंभ में श्री तोमर व अन्य अतिथियों ने सौर ऊर्जा आधारित पूसा फार्म सन फ्रिज का उद्घाटन और फसल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। श्री तोमर ने संस्थान के प्रकाशनों का विमोचन व अध्येता किसानों का सम्मान किया। मेले के समन्वयक डॉ. इंद्रमणि मिश्र ने आभार माना। कार्यक्रम में पद्मश्री किसान श्री कमल सिंह चौहान, श्री सुल्तान सिंह व श्री चंद्रशेखर सिंह, आईसीएआर के सचिव श्री संजय सिंह भी मौजूद थे।

सम्मानित किसान

श्री जिंतेंद्र कुमार सिंह (वैशाली, बिहार), श्री धीरेंद्र कुमार भानुभाई देसाई (भरूच, गुजरात), श्री रवींद्र माणिकराव मेटकर (अमरावती, महाराष्ट्र), श्री सुखजीत सिंह भंगू (पंजाब), श्री भंवरलाल कुमावत (राजसमुंद, राजस्थान)।

मेले के मुख्य आकर्षण

फल-फूल सब्जी एवं रबी फसलों की उन्नत प्रजातियों एवं उनकी उत्पादन प्रौद्योगिकियों का जीवंत प्रदर्शन, उन्नत कृषि यंत्रों, बीजों एवं पौधों की प्रदर्शनी एवं बिक्री, किसान गोष्ठी, कृषि साहित्य का नि:शुल्क वितरण, किसान सलाह, मृदा एवं जल का परीक्षण, किसानों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच सेवा।

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