राज्य कृषि समाचार (State News)

उज्जैन में विशेष अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

26 अक्टूबर 2022, उज्जैन: उज्जैन में विशेष अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन – विशेष अभियान 2.0 के अन्तर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, (रा.वि.सि.कृ.वि.वि.), उज्जैन में डॉ आर.पी.शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक के मार्गदर्शन में भारत सरकार की रूपरेखा अनुरूप 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2022 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रीमती ग़ज़ाला खान को केन्द्र स्तर से नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कृषि के दृष्टिकोण से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के जोन क्र.9, जबलपुर द्वारा बताए गए कार्यों को सम्पादित किया जा रहा है।

विशेष अभियान के तहत ग्राम गुढ़ा के किसानों को प्राकृतिक खेती में गोबर एवं गाय के गोमूत्र से खाद तैयार करना सिखाया गया । ग्राम में केंचुआ खाद का मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में योगदान के बारे में चर्चा की गई एवं र्पोटेबल वर्मी बेड तैयार कर 18 प्रतिभागी किसानों को वितरित किये गये। ग्राम दताना में 13 महिला किसानों को वर्मीकम्पोस्टिंग की तकनीक सिखाई गई। चार दिनों तक कार्यालय की साफ सफाई की गई । पुरानी सामग्री का आकलन किया गया । ग्राम निनोरा में विद्यालयीन छात्र-छात्राओं को साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताया । स्वास्थ्य पर स्वच्छता के परिणामों की जानकारी दी गई । कार्यक्रम के पश्चात गाँव की सफाई करवाई गई एवं रैली के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया गया , जिसमें कुल 51 छात्र-छात्राओं एवं 7 अध्यापकों की भागीदारी रही । ग्राम खाण्डाखेड़ी में वेस्ट डीकम्पोजर का उपयोग कर अपशिष्ट प्रबंधन किया गया एवं विभिन्न जैविक खाद बनाने के तरीके बताए गए । केन्द्र पर समस्त कार्यों को समय पर निपटाने हेतु टीम वर्क के महत्व पर चर्चा कर कार्यों को निपटाने हेतु समिति भी बनाई गई । केन्द्र पर आयोजित वृक्षारोपण एवं फिट इण्डिया रन कार्यक्रम में 29 प्रतिभागी शामिल हुए । उपरोक्त समस्त कार्यों में केन्द्र के डॉ एस.के.कौशिक, डॉ डी.एस.तोमर, डॉ डी.के.सूर्यवंशी, डॉ रेखा तिवारी, डॉ हंसराज जाटव, डॉ मोनी सिंह, श्री राजेन्द्र गवली श्री अजय गुप्ता, श्रीमती सपना सिंह, श्री राजेश वर्मा एवं श्री बाबूलाल चौहान ने सहयोग किया । केन्द्र द्वारा समय-समय पर डिजिटल प्लेटफार्म जैसे वेबसाईट, ट्वीटर आदि के माध्यम से प्रसार श्रीमती ग़ज़ाला खान द्वारा किया गया । कृषि महाविद्यालय, इन्दौर के छात्रों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया ।

उल्लेखनीय है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के जोन क्र.9, जबलपुर द्वारा कई कार्य सम्पादित करने के निर्देश प्राप्त हुए थे ,जिनमेंग्रामों को सूक्ष्म जैविक अपशिष्ट प्रबंधन हेतु गोद लेना । केचुआं खाद का अपशिष्ट प्रबंधन में उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन, स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, अपशिष्ट प्रबंधन की तकनीकियों का प्रदर्शन, किसानों के साथ गांवों की सफाई, विद्यालयीन छात्र-छात्राओं को सफाई, स्वास्थ्य रक्षा आदि पर मार्गदर्शन देना, कार्यालय के अनुपयोगी वस्तुओं को हटाकर जगह खाली करना, समय पर कार्यों को निपटाना शामिल हैं।

महत्वपूर्ण खबर: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लिए अधिक उपज देने वाली गेहूं की 10 नई किस्में

Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement