राज्य कृषि समाचार (State News)

उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि और किसान को प्राथमिकता में रखा

10 फरवरी 2026, भोपाल: उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि और किसान को प्राथमिकता में रखा – यूपी की योगी सरकार ने एक बार फिर यह कहा है कि प्रदेश के विकास का ध्येय तो  सरकार का है ही वहीं कृषि और किसानों का विकास भी सरकार की प्राथमिकता है. दरअसल बीते सोमवार को उत्तर प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ है. योगी सरकार ने कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन में आर्थिक सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश की सफलतम कहानी का जिक्र किया.

आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2017-18 के सापेक्ष 2024-25 में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान 24 प्रतिशत से बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया. 2024-25 में 737.4 लाख मीट्रिक टन के साथ खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है. 2017-18 से 2024-25 की अवधि में कुल खाद्यान्न उत्पादन में 28.5 प्रतिशत तथा उत्पादकता में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रदेश में कुल खाद्यान्न उत्पादन का देश में योगदान 18.1 प्रतिशत से बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो गया. वहीं फसलों का प्रति हेक्टेयर सकल मूल्यवर्धन वर्ष 2017-18 में 0.98 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 1.73 लाख प्रति हेक्टेयर हो गया है.

2023-24 व 2024-25 में खरीफ, रबी फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में काफी परिवर्तन हुआ. राज्य के कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में धान की हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत है. धान के क्षेत्रफल में 19.4 प्रतिशत, उत्पादन में 23.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. उत्पादकता भी 3.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2024-25 में 29.4 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है. रबी फसलों की बात करें तो 2023-24 व 2024-25 में प्रदेश की क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है.

रबी फसल गेहूं की कृषि सकल मूल्य वर्धन (GVO) में 18.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इसके क्षेत्रफल में 2.6 प्रतिशत, उत्पादन में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जबकि उत्पादकता भी 3.5 प्रतिशत बढ़कर 41.2 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है. राज्य सरकार की नीतियों (दलहन-तिलहन मिशन, बागवानी विकास कार्यक्रम, एमएसपी और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं ने फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दिया है. 2017-18 से 2024-25 के बीच दलहन का क्षेत्रफल 22.64 से बढ़कर 25.66 लाख हेक्टेयर हो गया है. तिलहन का क्षेत्रफल 10.87 से बढ़कर 28.8 लाख हेक्टेयर (लगभग 165 प्रतिशत वृद्धि) हो गया.

बीज पार्कों की स्थापना

कृषि आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक-एक उन्नत बीज पार्क की स्थापना की जा रही है. यह निर्णय प्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा. पहला पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 130.63 एकड़ भूमि पर 266.70 करोड़ के निवेश से बनेगा, जहां बीज प्रसंस्करण, स्पीड ब्रीडिंग, हाइब्रिड बीज विकास की सुविधा होगी. इससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर भी उत्पन्न होंगे.

सीड पार्कों की स्थापना से बाहर से बीज आयात पर निर्भरता घटने के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे बेहतर उत्पादन होगा और आय में वृद्धि होगी. यह कदम उत्तर प्रदेश को कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगा तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा.

बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश विशाल पशु संख्या वाला राज्य है. बुनियादी पशुपालन आंकड़ा 2025 के अनुसार उत्तर प्रदेश देश के दुग्ध उत्पादन में 15.66 प्रतिशत का अंशदान करता है. यह उत्पादन की दृष्टि से देश में प्रथम स्थान पर है. प्रदेश का दुग्ध उत्पादन वर्ष 2017-18 में 290.52 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 के अनुमान के अनुसार 388.15 लाख मीट्रिक टन हो गया. वहीं 2017-18 में अंडा उत्पादन 244 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 611 करोड़ (367 करोड़ अधिक) हो गया है.  

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