डीएपी के बजाय किसान भाई सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग करें

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30 अक्टूबर 2021, पन्ना । डीएपी के बजाय किसान भाई सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग करें – कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना द्वारा प्रगतिशील कृषकों हेतु रबी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केन्द्र प्रमुख डॉ. पीएन त्रिपाठी द्वारा कृषकों को वर्तमान में आ रही डी0ए0पी0 उर्वरक की समस्या एवं उसके विकल्प के रूप में अन्य रसायनिक उर्वरकों के प्रयोग के बारे में कृषकों को विस्तार से बताया गया। डॉ. आरके जायसवाल द्वारा रबी की प्रमुख फसलों में रोग एवं कीट व्याधि नियंत्रण पर एकीकृत प्रबंधन पर चर्चा की गई।

उन्होंने बताया कि चना में उकठा रोग के नियंत्रण हेतु वीटावेक्स फफूंदनाशी 02 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से प्रयोग करना चाहिए साथ ही मिट्टी में जैव उर्वरक ट्राईकोडर्मा 01 किलोग्राम प्रति एकड़ 25 किलो गोबर की खाद में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। श्री रितेश बागोरा द्वारा रबी की प्रमुख फसलों में समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन एवं मिट्टी परीक्षण पर चर्चा की गई उन्होंने बताया कि डी0ए0पी0 उर्वरक के बजाय किसान भाई सिंगल सुपर फास्फेट जिसमें 16 प्रतिशत फास्फोरस 12 प्रतिशत सल्फर एवं 18 प्रतिशत कैल्षियम होता है का प्रयोग कर सकते हैं या घुलनशील एन0पी0के0 19ः19ः19 अथवा एन0पी0के0 0ः52ः34 का एक किलोग्राम प्रति एकड़ के मान से फसल पर छिड़काव भी कर सकते हैं। बाजार में उपलब्ध इफको नैनो यूरिया 500 एमएल प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं।

डॉ. नेहा शर्मा द्वारा पोषण वाटिका एवं दैनिक जीवन में संतुलित आहार पर विस्तृत चर्चा की। यह कार्यक्रम में गुन्नौर सशक्तिकरण परियोजना वर्ल्ड विजन संस्था से मैनेजर बीनू मौन मैथ्यू के मार्गदर्षन में श्री जितेन्द्र सिंह, श्री मुकेश जी, एमआईएस प्रसन्ना जी द्वारा संस्था द्वारा जिले कृषक हित में किये जा रहे कार्याें के बारे में बताया। कार्यक्रम में सहित कुल 120 कृषकों ने भाग लिया।

                             

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