पांढुर्ना में नवीन ई-विकास प्रणाली से उर्वरक वितरण का प्रशिक्षण सम्पन्न
15 जनवरी 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुरना): पांढुर्ना में नवीन ई-विकास प्रणाली से उर्वरक वितरण का प्रशिक्षण सम्पन्न – कृषकों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली (ई-विकास प्रणाली) लागू की जा रही है। जिले में इस प्रणाली के तहत 15 जनवरी 2026 से उर्वरक वितरण प्रारंभ होगा। यह डिजिटल प्रणाली किसानों को उर्वरक प्राप्ति में होने वाली समस्याओं जैसे लंबी कतारें, कालाबाजारी, अनियमित वितरण और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
जिले में ई-विकास प्रणाली को लागू करने के लिए बुधवार को नगर पालिका कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने की, जिसमें कृषि एवं सह-संबद्ध विभागों के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल डिजिटल कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो किसानों को सशक्त बनाने के साथ ही सरकारी संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन में भी सहायक सिद्ध होगी।
प्रणाली का उद्देश्य और कार्यप्रणाली– कार्यशाला में बताया गया कि यह प्रणाली किसानों को उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और सुगमता प्रदान करने के लिए विकसित की गई है। ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत किसानों को उर्वरक प्राप्ति के लिए डिजिटल ई-टोकन प्रदान किया जाएगा, जिसमें उनकी आवश्यकतानुसार उर्वरक की मात्रा, वितरण केंद्र, तिथि एवं समय अंकित होगा। इससे वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ कम होगी और किसानों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी। नवीन प्रणाली के तहत किसान पंजीकरण के उपरांत उर्वरक प्राप्ति के लिए ई-टोकन जारी कर सकता है। यह टोकन एसएमएस, मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। किसान निर्धारित समय पर संबंधित केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकता है।
कृषक भाई अपने मोबाइल के माध्यम से भी https://mpkrishi.org या https://etoken.mpkrishi.org लिंक पर जाकर आधार नंबर एवं ओटीपी फीड कर लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन के बाद एग्री स्टैक (Farmer ID) से कृषि भूमि अपडेट कर मौसम और फसल का चयन करने के उपरांत फसल और भूमि अनुसार उर्वरकों की गणना पोर्टल पर प्रदर्शित होगी। इसके बाद किसान अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक विक्रेता जैसे मार्कफेड, एम.पी. एग्रो, विपणन समिति या निजी विक्रेता का चयन कर ई-टोकन जारी कर उर्वरक क्रय (समयावधि 03 दिवस) कर सकते हैं।
इस दौरान कृषक जगत ने किसानों के हित में पांढुर्ना में खाद की रैक भेजने ,क्षेत्र में जायद में मूंगफली और ज्वार फसल के लगातार बढ़ते रकबे को देखते हुए इसकी सरकारी खरीदी करने तथा इन फसलों के लिए किसानों को केसीसी की सुविधा उपलब्ध कराने की बात रखी। उल्लेखनीय है कि पांढुर्ना जिले में जायद में 600 हेक्टेयर में ज्वार , 550 हेक्टेयर में मूंगफली और 350 हेक्टेयर में मूंग की फसल ली जाती है।उपसंचालक कृषि श्री सिंह ने इन विषयों के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने की बात कही और बताया कि पांढुर्ना में खाद की रैक के संबंध में कलेक्टर साहब से आज ही चर्चा हुई है।
प्रशिक्षण में उपस्थित मुख्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि– प्रशिक्षण में उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह, उप संचालक पशुपालन डॉ. एच. जी. एस. पक्षवार, एसडीएम पांढुर्णा सुश्री अल्का एक्का, तहसीलदार पांढुर्णा श्री विनय ठाकुर, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री संदीप मोहोड़, नगरपालिका अध्यक्ष श्री संदीप घाटोडे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुनंदा डोंगरे, जिला अध्यक्ष खाद बीज विक्रेता संघ पांढुर्णा श्री निकेश खानवे, कृषि स्थाई समिति सभापति श्री जितेंद्र गोलाइत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पांढुर्णा श्री विनोद लोखण्डे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सौसर श्री योगेश भलावी, सहायक प्रबंधक जिला सहकारी बैंक मर्यादित, जिला विपणन अधिकारी श्री मति शिखा सरियाम, सभी समिति के प्रबंधक एवं कृषि एवं सहकारिता विभाग के मैदानी अमले के अलावा भाकिसं पांढुर्ना के तहसील अध्यक्ष श्री प्रदीप खवसे , किसान श्री रविशंकर गोरे एवं श्री रोशन कलम्बे आदि उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जिले में ई-टोकन प्रणाली के तहत उर्वरक वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और किसानों के लिए सुविधाजनक बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
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