राज्य कृषि समाचार (State News)

आंध्र में 21वीं पशुधन गणना के लिए अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू

01 अगस्त 2024, विशाखापट्टनम: आंध्र में 21वीं पशुधन गणना के लिए अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू – भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के राज्य और जिला नोडल अधिकारियों के लिए 21वीं पशुधन गणना के क्षेत्रीय प्रशिक्षण का आयोजन किया। यह कार्यशाला आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित की गई, जिसमें मोबाइल एवं वेब ऐप्लीकेशन और नस्लों पर प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन आंध्र प्रदेश सरकार के पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के सचिव श्री एम. एम. नायक ने किया। इस अवसर पर भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग के सलाहकार (सांख्यिकी) श्री जगत हजारिका, एएचएस निदेशक श्री वी.पी. सिंह और आंध्र प्रदेश सरकार के पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के निदेशक डॉ. अमरेंद्र कुमार भी उपस्थित थे।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सचिव श्रीमती अलका उपाध्याय ने वर्चुअल माध्यम से 21वीं पशुधन गणना के लिए शुभकामनाएं दीं और इस क्षेत्र की आर्थिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत का पशुधन सेक्टर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में 5.5 प्रतिशत का योगदान देता है और लाखों लोगों की आजीविका का स्रोत है। विशाल पशुधन आबादी ( 53.6 करोड़ ) और दूध ( प्रथम ) और अंडा ( द्वितीय ) उत्पादन में वैश्विक नेतृत्व के साथ, यह क्षेत्र एक पावरहाउस है। हालाँकि, उन्होंने उल्लेख किया कि इसकी पूरी क्षमता को अनलॉक करने के लिए निर्यात के आशाजनक अवसरों का लाभ उठाने के लिए उत्पादकता, बुनियादी ढांचे और बाजार पहुंच में चुनौतियों का समाधान करने की आवश्यकता है।

श्री एम. एम. नायक ने आंध्र प्रदेश की पशुधन संपदा पर जोर देते हुए कहा कि राज्य मवेशियों, भैंसों, भेड़ों और बकरियों की बड़ी आबादी का घर है और दूध तथा अंडा उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने पशुधन गणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एकत्र किया गया डेटा भविष्य की पहलों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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कार्यशाला के दौरान विभिन्न सत्र आयोजित किए गए जिनमें आईसीएआर – राष्ट्रीय पशु आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) की टीम ने प्रजातियों के नस्ल विवरण पर प्रस्तुति दी। सॉफ्टवेयर टीम ने मोबाइल ऐप्लीकेशन और डैशबोर्ड सॉफ्टवेयर पर प्रशिक्षण दिया। इन नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने जिला मुख्यालय पर गणनाकारों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

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कार्यशाला का समापन पशुपालन एवं डेयरी विभाग में पशुपालन सांख्यिकी प्रभाग के निदेशक श्री वी.पी. सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। 

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