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राज्य कृषि समाचार (State News)

जयपुर में मनरेगा पर तीन दिवसीय कार्यशाला

माइक्रो सिंचाई परियोजना, छोटे बांध एवं मॉडल तालाब बनाएं  –  ग्रामीण विकास मंत्री

29 जुलाई 2022, जयपुर: जयपुर में मनरेगा पर तीन दिवसीय कार्यशाला – पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रमेश चन्द मीना ने कहा है कि विभाग के अभियंता एवं अधिकारी आपसी समन्वय एवं अन्य विभाग के सहयोग से ऎसे गुणवत्तापूर्ण कार्य करे जिनसे विभाग की छवि और बेहतर हो। वाटरशेड में ऎसे कार्य हाथ में लिए जाने चाहिए जिनसे बहते हुए सतही जल को रोका जा सके और ग्राउण्ड वाटर टेबल को बढाया जा सके। इस उद्देश्य के साथ माइक्रो सिंचाई परियोजना, छोटे बांध एवं मॉडल तालाबों के कार्य किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कम लागत में, नई सोच और नवाचारों के साथ, अच्छी गुणवत्ता के ऎसे उपयोगी निर्माण कार्य किए जाएं जो धरातल पर वास्तव में नजर आएं और आने वाले कई दशकों तक विभाग की पहचान बने।

श्री मीना इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में मनरेगा कार्यों के मॉडल डिजाइन, मॉडल एस्टीमेट व गुणवत्ता बेहतर करने के लिए गुरूवार से प्रारम्भ हुई तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए श्री मीना कहा कि कोई भी नवाचार करने से पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में परीक्षण कर उसकी व्यावहारिकता की परख कर ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता में कमी एक बड़ी समस्या है। परियोजना से क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आमजन को नजर आना चाहिए।

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उन्हाने कहा कि हर पंचायत समिति में कुछ बड़ी ग्राम पंचायतों में मॉडल पार्क तैयार किए जाएं, जिनमें रनिंग ट्रेक, फलदार पौधे, शौचालय, बैठक व्यवस्था, फलदार पौधे और फेंसिंग हों। ऎसे ही कामों से विभाग की छवि और बेहतर होगी। श्री मीना ने बताया कि हर ग्राम पंचायत पर एक किलोमीटर के गांधी पथ का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क भी अच्छी गुणवत्ता के साथ विभाग के कामों की पहचान बनेगी।

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उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग में थोडी सी त्रुटि भी निर्माण कार्य को शत प्रतिशत खराब कर देती है जिसका खमियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। इंजीनियर्स को सजग रहकर निर्माण की लागत, डिजायन, उपयोग, फिजिबिलिटी, उसके सर्वाईवल, मेटेरियल लागत की तुलनात्मकता सभी बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जिससे कम से कम संसाधनों में अधिकतम गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। कार्यशाला में सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्री के.के. पाठक सहित विभिन्न जिलों से ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी और अभियंता शामिल हुए। इस मौके पर मंत्री श्री मीना के समक्ष मनरेगा में किये जा रहे कार्यों में नवाचारों का प्रस्तुतीकरण एवं डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया।

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