शहडोल कमिश्नर ने कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की समीक्षा की
24 जनवरी 2026, शहडोल: शहडोल कमिश्नर ने कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की समीक्षा की – प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाया जा रहा है। कृषि वर्ष में खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए खेती की लागत को कम करना, दलहनी एवं तिलहनी फसलों को बढ़ावा देना, किसानो को खेती के क्षेत्र में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण देने के साथ ही प्राकृतिक एवं परंपरागत खेती का विकास करने के साथ ही कृषि यंत्रीकरण तथा माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कमिश्नर कार्यालय के अमरकंटक सभाकक्ष में आयेाजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि एवं उससे जुड़े अन्य विभागो के अधिकारियो को जिलेवार प्लान तैयार कर उसमें अमल करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त संचालक कृषि श्री जे.एस. पेंद्राम, तीनों जिलों के उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, सहायक संचालक मत्स्य तथा सहकारिता एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुक्त शहडोल संभाग ने बताया कि शहडोल संभाग के तीनो जिलों में प्रधानमंत्री कृषि धन धान्य योजना का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने योजना के विभिन्न घटकों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि तीनों जिलों में कृषि रकवे का विस्तार तथा औसत कृषि उत्पादन बढ़ाने हेतु कार्य योजना बनाकर पोर्टल में अपडेट किया जाए। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का चयन किया जाए, फसलों के बीमा के लिए लाभों के संबंध में किसान को जागरूक कर फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाए, किसानों के क्रेडिट कार्ड बनाकर उन्हें कृषि हेतु लघु अवधि के ऋण लेने तथा उत्पादन का अधिक से अधिक लाभ लेने हेतु एफपीओ का गठन किया जाए। आपने कहा कि दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। वन ड्राप मोर क्रॉप के सिद्वांत पर माइक्रो इरिगेशन के तहत ड्रिप स्प्रिंकलर तथा पाइप लाइन का विस्तार का कार्य किया जाए। किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर खेती की लागत का कम किया जाए, स्व सहायता समूह की दीदियों को ड्रोन का प्रशिक्षण दिया जाए। मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड बनाकर किसानों को सूक्ष्म तत्वों के संबंध में अवगत कराते हुए इनके उपयोग में सहयोग किया जाए। कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों तथा विभागीय अमले को प्रशिक्षित किया जाए।
आयुक्त ने संभाग के तीनों जिलों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु डॉ अम्बेडकर, कामधेनू योजना के क्रियान्वयन तथा लक्ष्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन वाले क्षेत्रों में मिल्क रूट बनाए जाए तथा कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से पशु नस्ल सुधार का कार्य किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने हिरण्य गर्भा योजना तथा छिरधार योजना की भी समीक्षा की। आयुक्त ने पशुपालकों के क्रेडिट कार्ड बनाने तथा उनके उपयोग हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य योजना तथा प्रधानमंत्री कृषि समृद्व योजना की समीक्षा करते हुए मछुआ समिति के गठन, केज कल्चर को बढ़ावा देने मछुआरो का क्षमता विकास का प्रशिक्षण मत्स्य पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के निर्देश दिए। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए विभाग द्वारा संचालित पीएमएफएमई योजना का लक्ष्य प्राप्त करने तथा पुष्प उत्पादन, सब्जी उत्पादन एवं मसाला उत्पादन के क्लस्टर बनाकर गतिविधियो का संचालन करने के निर्देश दिए। सहकारिता विभाग को सहकारी समितियों का कम्प्यूटाराइजेशन करने तथा अनाज भण्डारण व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए।
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