इंदौर जिले में पशु हाट बाजारों में पशुओं के क्रय-विक्रय पूर्णतया प्रतिबंधित

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21 सितम्बर 2022, इंदौर: इंदौर जिले में पशु हाट बाजारों में पशुओं के क्रय-विक्रय पूर्णतया प्रतिबंधित – इंदौर जिले के देपालपुर विकासखण्ड के ग्राम रोमदा एवं देपालपुर में पशुओं में लम्पी चर्मरोग के लक्षण पाये जाने से पशुओं में व्यापक रूप से लम्पी चर्मरोग फैलने की स्थिति निर्मित हो सकती है। लम्पी चर्म रोग फैलने की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए तथा लम्पी चर्म रोग के संक्रमण की रोकथाम हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मनीष सिंह द्वारा धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।

जारी आदेशानुसार किसी भी व्यक्ति या संस्थान द्वारा गौवंश/भैंसवंश का परिवहन किसी भी प्रकार के वाहन या व्यक्तिगत पैदल रूप से अन्य जिलों की सीमाओं से जुड़े जिलों से इन्दौर जिले में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इन्दौर जिले के अन्तर्गत लगने वाले समस्त पशुहाट-बाजारों में पशुओं के क्रय-विक्रय पूर्ण प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही हाट बाजारों के लगने को भी प्रतिबंधित किया गया है। इंदौर जिले में वाहनों के माध्यम से पशुओं का आवागमन पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। पशुओं को किसी भी माध्यम से इंदौर जिले से बाहर जाना तथा अन्य जिले से इंदौर जिले में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

इंदौर जिले के राजस्व अनुभाग इंदौर, देपालपुर, हातोद, महू, सांवेर, मल्हारगंज, जूनी इंदौर, कनाडिया, राऊ, खुड़ैल, भिचोली हप्सी की सीमाओं में परस्पर एक-दूसरे अनुभाग की सीमाओं से पशु वाहनों का प्रवेश एवं आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। लम्पी चर्मरोग से प्रभावित पशुओं को ग्राम के सार्वजनिक जलाशय पर पानी पिलाया जाना भी प्रतिबंधित रहेगा। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाकर 18 नवम्बर 2022 तक प्रभावशील रहेगा। उक्त प्रभावशील अवधि में उक्त आदेश का उल्लघंन धारा 188 भारतीय दण्ड विधान अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आयेगा।

दूसरी तरफ संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने इंदौर संभाग के सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने जिलों में सेवा पखवाड़े के अंतर्गत शिविर आयोजित कर पशुओं का टीकाकरण तथा उनका उपचार सुनिश्चित करें। मध्यप्रदेश के सभी जिलों में ‘सेवा पखवाड़ा ‘ आयोजित किया जा रहा है। सेवा पखवाड़ा ‘ अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग से संबंधित गतिविधि समस्त जिलों में गौशालाओं में गौसेवा कार्यक्रम का आयोजन 27 सितम्बर 2022 को किया जाना है।  डॉ.शर्मा ने कहा है कि गौसेवा कार्यक्रम अंतर्गत गौशालाओं में पशु उपचार/टीकाकरण शिविर लगाने हैं। अभी वर्तमान में संभाग के जिलों में लम्पी स्किन डीसिज के प्रकरण अधिक मात्रा में प्राप्त हो रहे हैं। इसलिए इस कार्यक्रम अन्तर्गत सभी गौशालाओं में संक्रमित पशुओं का उपचार सुनिश्चित करें। जहां भी इस प्रकार के प्रकरण पाए जाते हैं, उन गौशालाओं में शत-प्रतिशत टीकाकरण करना एवं यदि उस गांव में संक्रमित पशु पाए जाते हैं, तो उस गांव में भी शासन निर्देशानुसार संभावित संक्रामकों का टीकाकरण  27 सितम्बर तक विशेष कैम्प लगाकर आयोजित करें।

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