राज्य कृषि समाचार (State News)

मॉडिफाइड सोयामील के आयात को लेकर एक बार फिर बहस तेज

07 फरवरी 2026, भोपाल: मॉडिफाइड सोयामील के आयात को लेकर एक बार फिर बहस तेज – देश में जेनेटिकली मॉडिफाइड सोयामील जीएम खली- के आयात को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. ऐसे में सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि सोया खली के आयात की अनुमति किसी भी सूरत में न दी जाए.

संगठन ने कहा है कि देश में सोयाबीन और उससे जुड़े उत्पादों की सल्‍पाई पूरी तरह पर्याप्त है और आयात की इजाजत देने से करोड़ों किसानों के हितों को सीधा नुकसान पहुंचेगा. SOPA ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को भेजे अपने ज्ञापन में पोल्ट्री उद्योग की उस मांग को खारिज किया है, जिसमें घरेलू बाजार में ऊंची कीमतों का हवाला देकर GM सोयामील आयात की पैरवी की जा रही है.

SOPA ने अपने ज्ञापन पत्र में कहा है कि यह मांग बाजार की वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करती है और दीर्घकाल में भारतीय कृषि व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. बीते कुछ महीनों में सोयाबीन और सोयामील की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. इंदौर मंडी में 31 जनवरी को सोयाबीन का भाव 56,900 रुपये प्रति टन दर्ज किया गया, जो अप्रैल 2025 के मध्य में 46,000 रुपये प्रति टन के आसपास था. इसी अवधि में सोयामील की कीमत 32,713 रुपये प्रति टन से बढ़कर 43,872 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई. इसके साथ ही कच्चे सोयाबीन तेल की एक्स फैक्ट्री कीमत भी 1,21,000 रुपये प्रति टन से बढ़कर 1,31,000 रुपये प्रति टन हो गई.

SOPA का तर्क है कि सोयामील की कीमतें किसी भी तरह से प्रोसेसरों के नियंत्रण में नहीं होतीं, बल्कि यह पूरी तरह बाजार आधारित होती हैं. संगठन ने कहा कि सोयामील उत्पादन लागत का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा कच्चे सोयाबीन की कीमत पर निर्भर करता है. अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेल बाजार और घरेलू आपूर्ति की स्थिति सीधे तौर पर कच्चे माल की कीमत को प्रभावित करती है, जिसका असर तैयार उत्पाद पर स्वाभाविक रूप से पड़ता है.

 कॉस्‍ट स्‍ट्रक्‍चर का ब्योरा देते हुए बताया कि 31 जनवरी तक प्लांट डिलीवरी पर सोयाबीन की कीमत करीब 54,900 रुपये प्रति टन थी, जबकि प्रोसेसिंग लागत लगभग 2,000 रुपये प्रति टन बैठती है. सोयाबीन तेल की प्राप्ति को जोड़ने के बाद, 82 प्रतिशत रिकवरी के आधार पर सोयामील की लागत 43,872 रुपये प्रति टन निकलती है. ऐसे में इस पूरे गणित में उद्योग के पास कच्चे माल की कीमत को कंट्रोल करने की कोई खास गुंजाइश नहीं है.

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements