राज्य कृषि समाचार (State News)

एग्रीटेक मीट-2026 से बदलेगी राजस्थान की कृषि तस्वीर, कृषि निवेश और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

01 जनवरी 2026, जयपुर: एग्रीटेक मीट-2026 से बदलेगी राजस्थान की कृषि तस्वीर, कृषि निवेश और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा – राजस्थान के किसान केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर नवाचार को अपना रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हो रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। यह बात मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने राज्य कृषि अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), दुर्गापुरा, जयपुर के भ्रमण के दौरान कही।

मुख्य सचिव ने रारी कैंपस, कृषि फील्ड एवं श्याम दुर्गापुरा का दौरा कर कृषि क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक और व्यापक परिवर्तनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज का किसान आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपना रहा है, जिससे राज्य सरकार की कृषि नीतियां धरातल पर सफल साबित हो रही हैं। श्रीगंगानगर में स्थापित गाजर मंडी को उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक सफल प्रयोग बताया।

श्याम ऑडिटोरियम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने प्रदेशभर से आए प्रगतिशील कृषकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने किसानों की सफलता की कहानियों, कृषि नवाचारों और जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की तथा समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 में भागीदारी का आह्वान

मुख्य सचिव ने किसानों से आगामी वर्ष आयोजित होने वाली ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 (ग्राम) में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस राज्य स्तरीय आयोजन में 50 हजार से अधिक किसानों के भाग लेने की संभावना है। ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) का उद्देश्य कृषि में नवाचार, स्मार्ट फार्मिंग, आधुनिक तकनीकों के प्रसार और निवेश को प्रोत्साहित करना है, जिससे राजस्थान कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी बन सके।

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किसानों के विदेश भ्रमण पर जोर

मुख्य सचिव ने किसानों की क्षमता संवर्धन के लिए विदेश भ्रमण को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के नॉलेज एन्हांसमेंट प्रोग्राम के तहत किसानों का एक दल पहले ही विदेश भ्रमण कर चुका है। शीघ्र ही दूसरा दल भी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए विदेश भेजा जाएगा, जिससे किसान अपनी उपज और उत्पादकता बढ़ा सकें।

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उन्होंने प्रगतिशील किसानों से सरसों, जैविक खेती, जीरा, पानमेथी, ईसबगोल, अनार, सीताफल, आंवला, लहसुन, गाजर, शिमला मिर्च, गुलाब, औषधीय पौधों और मधुमक्खी पालन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी ली।

कृषि अनुसंधान को किसान-केंद्रित बनाने पर बल

आरएआरआई के भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने खरीफ व रबी फसलों से जुड़े अनुसंधान परीक्षणों, प्रदर्शन इकाइयों, बीज उत्पादन प्रक्षेत्रों और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने उन्हें जलवायु परिवर्तन के अनुरूप विकसित किस्मों, उन्नत फसल प्रबंधन, समेकित कीट प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार और जल उपयोग दक्षता बढ़ाने वाली तकनीकों की जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कृषि अनुसंधान को अधिक व्यवहारिक, किसान-केंद्रित और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए। साथ ही अनुसंधान परिणामों को किसानों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए कृषि विभाग, अनुसंधान संस्थानों और विस्तार तंत्र के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों और खेत स्तर पर प्रदर्शनों को और सशक्त करने तथा गुणवत्तापूर्ण बीजों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल, आयुक्त कृषि चिन्मयी गोपाल, आयुक्त उद्यानिकी शुभम चौधरी, कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलगुरु डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान, निदेशक कृषि विपणन विभाग राजेश कुमार चौहान सहित कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी, रारी के वैज्ञानिक और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।

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