राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश: 24 घंटे सक्रिय रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष, कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जाँच होगी

30 जुलाई 2024, भोपाल: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश: 24 घंटे सक्रिय रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष, कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जाँच होगी – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में बाढ़ और अतिवर्षा से निपटने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को अपने जिलों में प्रशासनिक अमले को सक्रिय रखने और बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे कार्यरत रखने के निर्देश दिए हैं। डॉ. यादव ने कहा कि बांधों के गेट खोलने से पहले ग्रामीणों को सूचित किया जाए और पुल-पुलियों पर तेज बहाव होने पर आवागमन रोकने के उपाय किए जाएं।

कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा है कि कल दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए हादसे में बेसमेंट में पानी भरने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन युवाओं की असामयिक मृत्यु दु:खद और दर्दनाक है। उन्होंने घटना के प्रकाश में मध्यप्रदेश के बेसमेंट में संचालित कोचिंग केंद्रों के सर्वे के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बेसमेंट में जल भराव और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था की जांच की जाए ताकि ऐसी दुर्घटनाएं न हों।

प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री नीरज मंडलोई ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि 16 नगर निगम कमिश्नर्स को भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जोड़ा गया है और उन्हें आवश्यक सावधानियों के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों, धर्मशालाओं और संस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा विभिन्न नगर- कस्बों में निचली बस्तियों में भी आवश्यक सावधानियां बरतने एवं कच्चे मकानो में बिजली के करंट फैलने से वर्षा काल में उत्पन्न होने वाली समस्या के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ की स्थिति पर निरंतर निगरानी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग पूर्व में हुई दुर्घटनाओं वाली पुल-पुलियों की सूची तैयार करे और उन पर सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि तैराक दलों को तैयार रखा जाए और जिलों और तहसीलों के बीच समन्वय बनाए रखा जाए।

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डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क बनाए रखें और उन स्थानों पर विशेष ध्यान दें जहां दुर्घटना की या जल भराव की आशंका है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स समय पर सेना की मदद लें और नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैराक दलों को तैनात करें।

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वर्षा की स्थिति पर प्रजेंटेशन

प्रमुख सचिव राजस्व श्री निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में एक जून से 29 जुलाई तक 18.5 इंच वर्षा दर्ज हुई है। अधिक वर्षा वाले जिलों में राजगढ़, नीमच, भोपाल, सिवनी, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, रायसेन एवं सीहोर शामिल हैं। प्रदेश के सिर्फ कटनी जिले में अधिक वर्षा से उत्पन्न स्थिति के कारण राहत शिविर का संचालन किया जा रहा है। बरगी जलाश्य का जल स्तर बढ़ने पर गेट खोलने का निर्णय लिया जा रहा है। इसके प्रवाह से प्रभावित होने वाले जिलों को अलर्ट किया गया है। अनेक बांधों में जल भराव 50 से 75 प्रतिशत के मध्य है। जिला कलेक्टर्स को निचली बस्तियों में रहने वाले निवासियों को समय पर सतर्क करने और आवश्यकतानुसार अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ उन्मुख नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी के लिए कहा गया है।। साथ ही राजस्व एवं राहत आयुक्त के अमले द्वारा वर्षा से क्षति पर रिपोर्ट तैयार करने, जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को भारी वर्षा की चेतावनी और एसएमएस अलर्ट देने के साथ ही एसडीआरएफ एवं राज्य आपदा केंद्र के स्टॉफ द्वारा जिला प्रशासन और नागरिकों को सूचित कर सजग करने की भूमिका निभाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में जबलपुर, मंडला और कटनी जिलों में अतिवर्षा से हुई जनहानि को दुखद बताते हुए कटनी के प्रभावित परिवार के वैध वारिसों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि मंजूर की है।

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मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से राशि मंजूर

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