दूध उत्पादों के परीक्षण के लिये बनेगी अत्याधुनिक प्रयोगशाला 

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भोपाल। पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास योजना में 13 करोड़ 20 लाख रूपये लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति प्राप्त की गई है। इसके अलावा, दूध एवं दूध उत्पादों के परीक्षण के लिये 8 करोड़ की लागत से राज्य स्तरीय अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी। श्री यादव स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के एक वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा कर रहे थे।

श्री यादव ने कहा है कि प्रदेश में क्षेत्रीय एवं ग्राम स्तरीय सहकारी डेयरी कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में 7 हजार ग्रामीण दूध सहकारी समितियां कार्यरत हैं। इसके अलावा संभाग स्तर पर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर एवं सागर में सहकारी दूध संघ के मुख्यालय कार्यरत हैं। समितियों द्वारा प्रतिदिन संकलित 8.50 लाख किलोग्राम दूध में से 7.50 लाख लीटर दूध का विक्रय किया जा रहा है। साँची ब्रांड के तहत 7940 वितरकों के माध्यम से घी, पेड़ा, पनीर, दूध आदि उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है।

श्री लाखन सिंह यादव ने बताया कि राज्य शासन द्वारा ग्वालियर में एक करोड़ 90 लाख रूपये लागत के दही निर्माण संयंत्र एवं इंदौर में 4 करोड़ लागत के आईस्क्रीम संयंत्र के अलावा जबलपुर में लगभग 10 करोड़ की लागत से स्वचलित पनीर निर्माण संयंत्र की स्थापना की जा रही है। ये संयंत्र 2020 तक प्रारंभ हो जायेंगे। 

उन्होंने कहा कि हम शीघ्र की अपने 2 नए उत्पाद शुगर-फ्री पेड़ा तथा साँची वीटा प्रो हेल्थ ड्रिंक बाजार में लांच करेंगे।

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