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राज्य कृषि समाचार (State News)

छिंदवाड़ा के सोविंद ने अपनाई प्राकृतिक खेती, 30 सप्ताह में जैविक हाट में बेची ₹90 हजार की सब्जियां

23 सितंबर 2026, छिंदवाड़ाछिंदवाड़ा के सोविंद ने अपनाई प्राकृतिक खेती, 30 सप्ताह में जैविक हाट में बेची ₹90 हजार की सब्जियां – मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के ग्राम मंडली, विकासखंड परासिया के कृषक सोविंद उइके पिछले तीन वर्षों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर खेती के क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक पद्धतियों से विभिन्न सब्जियों और फसलों का उत्पादन शुरू किया है।

टमाटर, मक्का, बैंगन समेत कई फसलों की खेती

सोविंद उइके अपने खेत में टमाटर, मक्का, बैंगन, भिंडी, बरबटी सहित विभिन्न फसलों की खेती कर रहे हैं। प्राकृतिक तरीके से उत्पादित अपनी उपज को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वे सब्जियां स्वयं जैविक हाट, गुरैया मंडी लेकर जाते हैं।

30 सप्ताह से लगातार जैविक हाट में कर रहे बिक्री

सोविंद उइके पिछले 30 सप्ताह से नियमित रूप से जैविक हाट में अपनी उपज बेच रहे हैं। यहां उन्हें उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने और प्राकृतिक एवं जैविक उपज का बेहतर विपणन करने का अवसर मिल रहा है। वे प्रत्येक सप्ताह लगभग 2 से 3 हजार रुपए की सब्जियां बेच रहे हैं। इस प्रकार 30 सप्ताह में उन्होंने लगभग 60 हजार से 90 हजार रुपए तक की सब्जियां बेची हैं। जैविक हाट उनके लिए केवल उपज बेचने का माध्यम ही नहीं, बल्कि सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने वाला प्रभावी बाजार भी साबित हुआ है। इससे उन्हें अपनी उपज की मांग और उपभोक्ताओं की पसंद को समझने में भी मदद मिल रही है।

विविध फसलों से बढ़े खेती के अवसर

प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ विविध फसलों का उत्पादन सोविंद उइके की खेती की प्रमुख विशेषता है। अलग-अलग मौसम में विभिन्न सब्जियों का उत्पादन कर वे नियमित रूप से जैविक हाट में उपज उपलब्ध करा रहे हैं। इससे खेती में निरंतरता बनी रहने के साथ अतिरिक्त आय के अवसर भी बढ़े हैं। सोविंद बताते हैं कि प्राकृतिक खेती को अपनाने से उन्हें खेती के नए अनुभव मिले हैं और जैविक हाट के माध्यम से अपनी उपज सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिला है। नियमित विक्रय से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे प्राकृतिक खेती को आगे भी जारी रखने के लिए प्रेरित हैं।

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा

कृषक सोविंद उइके की सफलता इस बात का उदाहरण है कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ उचित बाजार और प्रत्यक्ष विपणन का जुड़ाव किसानों के लिए बेहतर आय के अवसर तैयार कर सकता है। तीन वर्षों से प्राकृतिक खेती अपनाने और 30 सप्ताह से जैविक हाट में नियमित बिक्री की उनकी निरंतरता अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के प्रति प्रेरित कर रही है। 

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