सिंगरौली बनेगा प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र, 3 हजार से ज्यादा किसान जुड़े: CM मोहन यादव
27 सितंबर 2026, सिंगरौली: सिंगरौली बनेगा प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र, 3 हजार से ज्यादा किसान जुड़े: CM मोहन यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के हित में सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। तकनीक और नवाचार के जरिए किसानों का फसल उत्पादन और आमदनी बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सिंगरौली की रत्नगर्भा भूमि में प्राकृतिक खेती का तेजी से प्रसार हो रहा है। जिले के 3 हजार से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली को कृषि के मामले में अग्रणी जिला बनाया जाएगा और ऊर्जाधानी के रूप में मशहूर सिंगरौली को प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सिंगरौली जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसानों को अनंत चतुर्दशी की मंगलकामनाएं भी दीं।
सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता का विस्तार कर इसे 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाया जाएगा। उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के साथ एक जिला-एक उत्पाद के माध्यम से स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा। खेती से जुड़े एक लाख किसानों, युवाओं और बेटियों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रदेश में कृषि उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार की जाएगी।
श्रीअन्न उत्पादन में सिंगरौली आगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन और गोपद नदी के संगम स्थल सिंगरौली जिला श्रीअन्न उत्पादन में अग्रणी है। कोदो और सामा यहां की प्रमुख फसलें हैं। सिंगरौली और डिंडोरी के किसानों की पहल पर ही सरकार ने कोदो-कुटकी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने सिंगरौली जिले के प्रगतिशील किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती, श्रीअन्न उत्पादन और विशेषकर हल्दी की खेती के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि परंपरागत खेती की तुलना में जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती में ज्यादा फायदा होता है।
नई तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और नई फसलों को भी अपना रहे हैं। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में जिले में काफी संभावनाएं हैं। जिले में आटा मिल, राइस मिल, ऑयल मिल, दुग्ध उत्पाद, बेकरी और खाद्य प्रसंस्करण की कई नई इकाइयां स्थापित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए फीडरों का विभक्तिकरण किया गया है। इससे खेती के लिए बिजली की उपलब्धता और बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने जिले के किसानों से अपील की कि वे खेती-किसानी में फसल विविधीकरण अपनाएं और उद्यानिकी व प्राकृतिक खेती में रुचि लें। साथ ही पशुपालन और मछली पालन व्यवसाय से भी जुड़ें।
सिंगरौली में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, सीधी-सिंगरौली के लोकसभा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक सिंगरौली श्री रामनिवास शाह, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री पांचूलाल प्रजापति, श्री कपिल यार्दे, श्री राम लल्लन सिंह, श्री जयपाल सिंह सहित प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में जिले भर से आए किसान उपस्थित रहे।
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