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राज्य कृषि समाचार (State News)

उद्यानिकी खेती की ओर बढ़ता सीहोर, पांच साल में 3,248 हेक्टेयर बढ़ा रकबा

27 सितंबर 2026, भोपाल: उद्यानिकी खेती की ओर बढ़ता सीहोर, पांच साल में 3,248 हेक्टेयर बढ़ा रकबा – मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ उद्यानिकी खेती को भी आय बढ़ाने के प्रभावी माध्यम के रूप में अपना रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के प्रयासों से पिछले पांच वर्षों में जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा 3,248 हेक्टेयर बढ़कर 45,867 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उद्यानिकी फसलों में सबसे अधिक रकबा सब्जियों का है। वहीं, मसाला फसलों के रकबे में 833 हेक्टेयर और औषधीय फसलों में 200 हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बदलाव जिले में फसल विविधीकरण और किसानों की बढ़ती आय की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है।

प्याज और लहसुन की खेती का बढ़ा दायरा

वर्तमान में जिले में 6,785 हेक्टेयर में प्याज और 5,990 हेक्टेयर में लहसुन की खेती हो रही है। किसानों के अनुसार, इन फसलों की बाजार में अच्छी मांग होने से उचित भाव मिलने पर बेहतर आमदनी प्राप्त होती है। इसके अलावा किसान फल, सब्जी और फूलों की खेती की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आष्टा क्षेत्र के औबेदुल्लापुरा निवासी किसान संतोष कुशवाह एक हेक्टेयर भूमि में सब्जी एवं फूलों की खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि उद्यानिकी खेती ने उन्हें अतिरिक्त आय का अवसर दिया है।

अमरूद के बाग से देवकरण ने की 2.70 लाख रुपए की बिक्री

जिले के पाड़लिया गांव के किसान देवकरण ठाकुर ने भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अमरूद का फलोद्यान लगाया। वर्ष 2023-24 में एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत उन्होंने 1.5 हेक्टेयर भूमि में एल-49 किस्म का अमरूद लगाया। विभाग से मिले 60 हजार रुपये के अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने पिछले वर्ष 2 लाख 70 हजार रुपये की बिक्री की। देवकरण का मानना है कि खेती में नवाचार और फसल विविधीकरण से आय के नए अवसर मिलते हैं।

किसानों को अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन

उद्यानिकी खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा एकीकृत बागवानी विकास योजना सहित विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। फल, मसाला एवं पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए किसानों को अनुदान दिया जाता है। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के साथ पॉलीहाउस और शेडनेट जैसी संरक्षित खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

किसानों को नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाता है। जिले में किसानों का रुझान लगातार उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ रहा है। विभाग द्वारा किसानों को योजनाओं की जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

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