धान MSP खरीदी के लिए 10 अक्टूबर तक पंजीयन, फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं मिलेगा उपार्जन का लाभ
04 अक्टूबर 2026, भोपाल: धान MSP खरीदी के लिए 10 अक्टूबर तक पंजीयन, फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं मिलेगा उपार्जन का लाभ – किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाने के लिए शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीयन कराना जरूरी है। जिले के 59 खरीदी केंद्रों पर 10 अक्टूबर तक पंजीयन किया जाएगा। रीवा जिले कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि किसान ग्राम पंचायत कार्यालय के सुविधा केंद्र, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों और खरीदी केंद्रों पर नि:शुल्क पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा किसान अपने एंड्रॉयड मोबाइल में एमपी किसान एप डाउनलोड कर स्वयं भी पंजीयन कर सकते हैं।
किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन करा सकेंगे। इन केंद्रों पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ 50 रुपए शुल्क देना होगा।
फार्मर रजिस्ट्री जरूरी
कलेक्टर ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद ही धान उपार्जन के लिए किसान का पंजीयन किया जाएगा। सभी पंजीयन केंद्रों पर फार्मर रजिस्ट्री बनाने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने किसानों से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और पटवारी से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की। शासन की उपार्जन प्रक्रिया के साथ अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी फार्मर रजिस्ट्री जरूरी है।
पंजीयन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
धान उपार्जन के लिए पंजीयन कराते समय किसानों को आधार कार्ड, बोए गए अनाज के रकबे की जानकारी के लिए ऋण पुस्तिका की प्रति, आधार सीडेड बैंक खाता और बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। इसके साथ बैंक का IFSC कोड भी देना जरूरी है। उपार्जन के भुगतान के लिए जनधन खाते, अक्रिय बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम बैंक खाते मान्य नहीं होंगे। भुगतान ऐसे बैंक खाते में किया जाएगा, जो किसान की आधार संख्या और फोन नंबर से जुड़ा हो।
गिरदावरी के आधार पर होगा पंजीयन
किसानों का पंजीयन गिरदावरी के आधार पर किया जाएगा। पूर्व से पंजीकृत और नए किसानों के लिए भूमि का रकबा, फसल और फसल की किस्म से जुड़ी जानकारी गिरदावरी से ली जाएगी। पंजीयन ओटीपी आधारित व्यवस्था से होगा। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए पंजीयन में वही सिकमी/बटाईदार अनुबंध मान्य होंगे, जिन पर सक्षम प्राधिकारी के हस्ताक्षर 15 सितंबर तक किए गए हैं।
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